आगरा। यमुना नदी में आई बाढ़ के कारण मेहरा नाहरगंज के किसान आज भी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बाढ़ में फसलें चौपट होने के बाद भी किसानों को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया है। जिसे मिला भी है उसे आधा अधूरा ही मिला है। लोगों को एक एकड़ भूमि का मुआवजा 3-4 हजार रुपए दिया जा रहा है। वहीं बड़ी संख्या में किसान इस अल्प मुआवजे से भी वंचित हैं। उन्हें अब तक एक रुपये का भी मुआवजा नहीं मिला है, जिससे किसानों के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ग्राम प्रधान मेहरा नाहरगंज सूरजभान सिंह ने बताया कि दर्जनों किसानों को अब तक एक रुपये का भी मुआवजा नहीं मिला है। जिससे वे काफी परेशान हैं, जिन्हें मिला भी है उन्हें भी पूरा नहीं मिला है, जबकि किसानों के सभी जरूरी कागजात लेखपाल एवं सचिव को दे दिए गए हैं। वहीं गांव के अशोक मास्टर ने बताया कि अभी हमको मुआवजा नहीं मिला है। बृजेश वर्मा ने बताया कि मुआवजे के नाम पर 300 से 500 रुपये ही आए हैं। टीकम वर्मा ने बताया कि अभी तक 25 प्रतिशत किसानों को ही आधा अधूरा मुआवजा मिला है। संवाद
सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के नुक़सान का आंकलन कराकर फीडिंग करा दी गई है। यदि किसी किसान को मुआवजा नहीं मिला है तो उसकी जानकारी कराई जाएगी। जहां भी कमियां होगी दूर कराया जाएगा। सचिन राजपूत, एसडीएम सदर