पीईटी प्रमाणपत्र की पांच साल की जाए वैधता
किसान नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंच मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। भारतीय किसान यूनियन स्वराज के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंंपा। ज्ञापन में प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पीईटी) प्रमाणपत्र की अवधि पांच साल किए जाने की मांग की। परीक्षा के लिए कट ऑफ निर्धारित किए जाने की भी मांग की गई।
किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए प्रारंभिक पात्रता परीक्षा की व्यवस्था की है। इस परीक्षा के प्रमाणपत्र की वैधता वर्तमान में मात्र एक साल है। जबकि अन्य पात्रता परीक्षाओं के प्रमाणपत्रों की वैधता या तो आजीवन है या फिर पांच साल के लिए। मुख्यमंत्री से मांग की कि प्रारंभिक पात्रता परीक्षा प्रमाणपत्र की वैधता एक साल से बढ़ाकर पांच साल की जाए। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रारंभिक पात्रता परीक्षा के लिए कट ऑफ का पहले से ही निर्धारण किया जाए ताकि परीक्षार्थी पहले से ही परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी कर सकें। इस अवसर पर अनमोल शाक्य, हिमांशु सेन, प्रमोद चौहान, सागर चौहान, जय सिंह, नितिन श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।