आगरा पुलिस के प्रयास से पांच साल की बालिका मुसीबत में फंसने से बच गई। बालिका को ई-रिक्शा चालक ले आया था। राहगीरों ने बच्ची के साथ चालक को देखकर उसे पकड़ लिया। चौकी प्रभारी निशामक त्यागी ने बच्ची को चॉकलेट दी, मोमोज भी खिलाए। तब बच्ची ने घर का पता बता दिया। पुलिस ने उसे माता-पिता के पास पहुंचा दिया। उन्होंने पुलिस का धन्यवाद दिया।
चौकी प्रभारी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात को ट्रांस यमुना क्षेत्र की रहने वाली बालिका घर से निकलकर खेलते हुए एक ई-रिक्शा में बैठ गई। नशे में चालक उसे ट्रांस यमुना से लेकर चल दिया। रास्ते में वो ई-रिक्शा में खेलते हुए आ रही थी। संजय प्लेस में चालक ने ई-रिक्शा रोका। राहगीरों की नजर बच्ची पर पड़ी तो शक हो गया। उन्होंने चालक से पूछताछ की। वह कोई जवाब नहीं दे सका तो पकड़ लिया गया। दोनों को चौकी पर ले आए।
बच्ची की उम्र पांच साल थी। वह कुछ नहीं बता पा रही थी। चौकी में भी खेलने लगी। चालक नशे में था। चॉकलेट दी, मोमोज खिलाए, दुलार किया तब उसने बताया कि ट्रांस यमुना में रहती है। पुलिस उसे लेकर ट्रांस यमुना गई। बच्ची के परिजन थाने पहुंचे थे। पुलिस बच्ची को लेकर पहुंची तो खुश हुए। पुलिस का धन्यवाद दिया।