पिल्लों के साथ कैस्पर्स होम की विनीता अरोरा
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न्यू आगरा में ओम साईं सेंटर के पास कोई व्यक्ति बोरी में बंद करके 16 पिल्लों को फेंक गया था। इन पिल्लों की जान दो बच्चों ने बचाई। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद इनमें से पांच पिल्लों के सहारा मिल गया है। लोगों ने हाथ आगे बढ़ाए और पांच पिल्लों को पालने के लिए गोद ले लिया।
बंद बोरे में मिले 16 पिल्लों को दो बच्चों ने बचाया था। कैस्पर्स होम की विनीता अरोरा उनको रेसक्यू कर अपने यहां ले आईं थीं। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद लोगों ने इनमें से पांच पिल्लों को गोद ले लिया। बाकी 11 पिल्ले कैस्पर्स होम में रखे गए हैं। यहां की संरक्षक विनीता ने कहा उनको खुशी है कि लोग देसी कुत्तों को गोद ले रहे हैं, वरना लोग विदेशी नस्ल में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं। यह बात अलग है कि ज्यादातर उनके खर्चे नहीं उठा पाते और उन्हें छोड़ देते हैं। हमारे यहां 35 विदेशी नस्ल के कुत्ते हें जिन्हें हम रेस्क्यू कर लाए हैं।
बता दें आगरा में बीते दो दिनों में पशु क्रूरता के दो मामले सामने आए। दोनों की मामलों में पिल्लों को मरने के लिए फेंका गया। न्यू आगरा में ओम साईं सेंटर के पास कोई व्यक्ति बोरी में बंद करके 16 पिल्लों को फेंक गया था। इन पिल्लों की जान दो बच्चों ने बचाई। दूसरा मामला मलपुरा क्षेत्र के ककराली गांव का है, जहां किसी ने पांच पिल्लों को बोरवेल में डाल दिया गया। इनमें से तीन पिल्ले मर गए। दो को ग्रामीणों ने बुलडोजर से खुदाई कर सुरक्षित बाहर निकाला।