जिले में बीमारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जिला अस्पताल में जहां बुखार से पीड़ित तीन मरीजों की मौत हो गई। वहीं छाछा व द्वारिकापुर में भी बुखार से दो मौत हुईं। बुखार से पीड़ित 11 मरीज जिला अस्पताल में भी भर्ती कराए गए।
भोगांव थाना क्षेत्र के गांव मानिकपुर निवासी विवेक कुमार की दो माह की पुत्री निहारिका को तीन दिन पहले बुखार आया। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान शुक्रवार की रात निहारिका की मौत हो गई।
शहर के निकटवर्ती मोहल्ला संसारपुर निवासी 55 वर्षीय विनोद कुमार को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने तीन दिन पहले उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपाचार के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई।
वहीं बिछवा निवासी 55 वर्षीय लालजी को भी पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान शुक्रवार की रात उनकी मौत हो गई।
छाछा निवासी अहिवरन सिंह की 60 वर्षीय पत्नी सावित्री देवी को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं ग्राम पंचायत छाछा के मजरा द्वारिकापुर निवासी सुरेश चंद्र लोधी के 38 वर्षीय पुत्र मौजी राम लोधी को पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। यहां उपचार के दौरान शनिवार की सुबह आठ बजे उसकी मौत हो गई।
डेंगू की चपेट में आया फड़ व्यापारी
घिरोर कस्बा के मोहल्ला अखई में डेंगू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग व पालिका प्रशासन कोई ध्यान नही दे रहा। शहर के फड़ व्यापारी सुभाष चंद को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। परिजनों ने उन्हें कस्बा में ही एक निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया है।