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मैनपुरी: कॉलेज के चपरासी की हत्या करने वाले तीन भाइयों सहित पांच को आजीवन कारावास की सजा

Sat, 23 Apr 2022 08:29 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

बरनाहल क्षेत्र में नवंबर 2010 में कॉलेज के चपरासी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। 12 साल बाद इस हत्याकांड के दोषियों को सजा सुनाई गई है।  
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विस्तार
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मैनपुरी के थाना बरनाहल क्षेत्र में 12 साल पहले एक इंटर कॉलेज के चपरासी की हत्या करने वाले तीन भाइयों सहित पांच लोगों को एफटीसी द्वितीय की जज तरन्नुम खान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 6.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद पांचों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।

नवंबर 2010 में हुई थी वारदात

थाना बरनाहल के गांव नगला भूपाल निवासी रामशंकर उर्फ पप्पू दयानंद देव स्वामी इंटर कॉलेज डालूपुर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी करता था। 12 नवंबर 2010 की सुबह 9.30 बजे वह कॉलेज के एक खेत में पानी लगवाने के लिए गया था। खेत पर पहले से मौजूद गांव के अभिषेक ने अपने भाई विमल, सर्वेश और गांव के ही सिंटू उर्फ रिंटू और ओमकार के साथ मिलकर रामशंकर की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हत्या की रिपोर्ट कॉलेज के प्रधानाचार्य सुभाषचंद्र ने पांचों के खिलाफ दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके पांचों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। 

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मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय की जज तरन्नुम खान की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने पांचों के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर पांचों को रामशंकर की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान और अभिषेक गुप्ता ने पांचों को कड़ी सजा देने की दलील दी। अदालत ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 6.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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वारिसान को मिलेंगे 4.87 लाख रुपये

हत्यारोपियों पर 6.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्रत्येक आरोपी को 1.30 लाख रुपया जुर्माना देना होगा। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि एफटीसी द्वितीय की जज तरन्नुम खान ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से 75 प्रतिशत धनराशि मृतक के विधिक वारिसान को दी जाएगी। मृतक के वारिसान को 487500 रुपये प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।

तमंचा रखने पर 90 हजार रुपये जुर्माना

रामशंकर की हत्या करने वाले अभिषेक, ओमकार और विमल ने हत्या में प्रयोग किए गए तीन तमंचे पुलिस को बरामद कराए थे। तीनों के खिलाफ तमंचा रखने की रिपोर्ट भी पुलिस ने दर्ज की थी। तीनों ने बरामद किए गए तमंचों से ही हत्या करने की बात पुलिस को बताई थी। एडीजीसी अभिषेक गुप्ता ने बताया कि तीनों के खिलाफ तमंचा रखने का आरोप साबित हुआ। एफटीसी द्वितीय की जज तरन्नुम खान ने तीनों पर 30-30 हजार रुपये कुल 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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