आगरा के परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2018-19 की कक्षाएं अप्रैल से संचालित हैं। पांच माह बीतने की ओर है, पर छात्र-छात्राओं तक सारी किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। खासतौर पर अंग्रेजी माध्यम और उर्दू की किताबें आना बाकी हैं।
हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों ने नई किताबें आने तक पुरानी किताबों से पढ़ाई की। अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा भी नहीं थी। चालू शैक्षणिक सत्र में 90 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का अंग्रेजी माध्यम से संचालन किया जाना था। 69 विद्यालय ही संचालित किए जा रहे हैं। बाकी 21 विद्यालयों के संचालन के लिए शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हो सकी। शिक्षकों की मानें तो अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय स्कूलों में छात्रों का पंजीकरण अच्छा है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री बृजेश दीक्षित का कहना है कि अभिभावक अंग्रेजी माध्यम से संचालित परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाना चाह रहे हैं। इनकी संख्या जिले में बढ़नी चाहिए। किताबें समय से उपलब्ध कराए जाने पर ही इन स्कूलों के संचालन का उद्देश्य पूरा होगा। अभी तक किताबें न मिलने से शिक्षकों को पढ़ाने में परेशानी हो रही है। इसका असर शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ेगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा का कहना है कि प्रकाशक को किताबें जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में करीब ढाई हजार किताबें ही आना बाकी हैं। किताबें जल्द विद्यार्थियों को उपलब्ध करा दी जाएंगी।