कासगंज में रविवार को सोरों के लहरा गंगाघाट पर गंगा स्नान करते समय आठ श्रद्धालु डूब गए। इनमें से तीन बालिकाओं को बचा लिया गया। जबकि चार किशोरियां और उनको बचाने के लिए कूदा एक युवक गंगा के गहरे पानी में डूब गए। शाम पांच बजे तक किसी का पता नहीं चल सका था। पीएसी की फ्लड यूनिट गंगाघाट पर कैंप कर रही है।
लहरा घाट के समीपवर्ती गांव कादरगंज के राजेंद्र सिंह ने अभी हाल ही में एक पुराना ट्रैक्टर खरीदा था। ट्रैक्टर खरीदने की खुशी में वो ट्रैक्टर-टॉली लेकर परिजनों व आसपास के लोगों के साथ रविवार सुबह गंगा स्नान के लिए लहरा घाट पहुंचे थे।
गंगा स्नान करते समय कुछ लड़कियां आगे बढ़ गईं और गंगा के गहरे पानी में डूबने लगीं। चीख-पुकार सुनकर बघेला गांव का युवक हरिओम (22) पुत्र झद्दू सिंह उन्हें बचाने को गंगा में कूद गया। उसने रूबी (14) पुत्र झब्बू, मंजू (10) पुत्री पप्पू को बचा लिया। जबकि अंजली (12) पुत्री कैलाश को उसकी बुआ पिंकी ने बचा लिया।
अन्य चार लड़कियों में प्रीती (13) पुत्री पप्पू, ममता (16) पुत्री सुरेश चंद्र, पूजा(14) पुत्री रामदुलारे, रूपा(17) पुत्री झब्बू को हरिओम ने बचाने का प्रयास किया। ये सभी एक दूसरे को पकड़े हुईं थीं। इन चारों ने हरिओम को भी पकड़ लिया। इसके बाद पांचों लोग गंगा के गहरे पानी में डूबते चले गए।
घाट पर मौजूद कुछ लोगों ने लड़कियों और युवक की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। पीएसी की फ्लड यूनिट और कछला, लहरा सहित अन्य इलाके के गोताखोरों ने काफी देर तक स्टीमर वोट आदि से सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन शाम तक किसी का भी पता नहीं चल सका।
मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी सीपी सिंह, एसपी सुशील घुले, एडीएम योगेंद्र कुमार, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी गंगा में सर्च ऑपरेशन चलवाते रहे। जिलाधिकारी ने प्रदेश सरकार के सचिव एवं राहत आयुक्त को पांच लोगों के गंगा में डूबने की रिपोर्ट भेजी है।