कमीशन के रूप में दस से 15 हजार रुपये खाता धारकों को देते थे। यह लोगों को झांसे में लेकर खाते में पैसा जमा कराकर निकाल लेता था। आरोपियों के खिलाफ थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
यह है तरीका
गैंग के सभी सदस्य डिजिटल लेन-देन करते हैं। एक महीने में लगभग 12 लाख तक कमाते हैं। दो साल से यह काम करने में लगे हैं। यह लोग ओएलएक्स पर गाड़ियों के विज्ञापन देते हैं। उनकी फोटो डालते थे। जो लोग कॉल करते हैं, उनको फायदे बताते हैं। गाड़ी पसंद करने पर टोकन मनी के रूप में रकम अपने खाते डलवा लेते हैं।
एमेजॉन पर भी शापिंग करने वालों को झांसे में लेते हैं। उन्हें सामान के साथ ही गिफ्ट की बात कहते हैं। इसके बाद एडवांस के रूप में रकम अपने खातों में जमा कराते थे। गैंग ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा के लोगों को ठगा है।