आगरा के उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और कीर्तिमान स्थापित किया। चिकित्सकों की टीम ने मरीज की 5 सेमी छोटी एक टांग की सर्जरी कर उसे बराबर कर दिया। अब मरीज चल-फिरने के साथ दौड़ भी लगा रहा है। मरीज ने इसे अपना नया जीवन बताया।
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ दुबे ने बताया कि मरीज कमल सिंह एक पैर पर वजन नहीं ले पाता था। उसकी एक टांग दूसरे के मुकाबले करीब पांच सेंटीमीटर छोटी थी। इससे एक टांग हवा में लटकी रहती थी। मरीज ने बताया था कि तीन साल पहले कूल्हे के पास हड्डी टूटने पर एक अन्य अस्पताल में ऑपरेशन कराया था। जहां हड्डी गलत तरीके से जोड़ दी गई। दोबारा ऑपरेशन कराया तो इंफेक्शन हो गया। पेंच भी निकाल दिए गए। इस दाैरान जांघ की हड्डी ऊपर चढ़ गई जिससे टांग छोटी हो गई थी।
डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि ऐसे में जांच कराने के बाद ऑपरेशन किया गया। साढ़े चार घंटे तक चले ऑपरेशन के दाैरान ट्रोकैंटर की हड्डी को काटकर जांघ की हड्डी के नीचे किया गया। नया कूल्हे का जोड़ डाला और ट्रोकैंटर की हड्डी को सही जगह पर जोड़ दिया। इससे दोनों टांगों की लंबाई बराबर हो गई।
मरीज पूरी तरह से ठीक है और अब सामान्य रूप से चलने-फिरने और दौड़ने में भी सक्षम है। वहीं मरीज कमल सिंह ने डॉक्टर का आभार जताते हुए इसे नया जीवन बताया। कहा कि अब मैं बिना किसी परेशानी के दौड़ सकता हूं और अपने सपनों को पूरा कर सकता हूं।