आगरा में मत्स्य पालन के लिए कर्ज लेने को 543 किसानों ने आवेदन किया, लेकिन 11 सितंबर तक सिर्फ 73 आवेदनों को मंजूरी मिली है। 86 आवेदन अब भी लंबित हैं, जबकि पांच बैंकों में मत्स्य केसीसी के लिए एक भी आवेदन नहीं आया।
मछली पालन के लिए किसानों को ऋण नहीं मिल रहा। बैंकों में आवेदनों की भरमार है। 11 सितंबर तक 543 किसानों ने मछली पालन के लिए कर्ज मांगा लेकिन मिला सिर्फ 73 किसानों को। हालत यह है कि पांच बैंकों का मत्स्य केसीसी वितरण में खाता तक नहीं खुला है।
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वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मत्स्य पालन किसान क्रेडिट कार्ड योजना के आंकड़े सामने आए हैं। ऋण स्वीकृति में जिले के बैंक ऑफ इंडिया, केनरा और सेंट्रल बैंक अव्वल रहे। जबकि बैंक ऑफ महाराष्ट्र, को-ऑपरेटिव बैंक, आईडीबीआई बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक में एक भी आवेदन नहीं आया। विभिन्न बैंकों को कुल 543 आवेदन मिले थे, जिनमें से 73 स्वीकृत हो चुके हैं। 86 फाइल लंबित हैं।
बाकी फाइल निरस्त हो गईं या स्वीकृत के इंतजार में धूल फांक रही हैं। इसका जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं। केनरा बैंक ने 170 आवेदनों में से सर्वाधिक 21 को मंजूरी दी। बैंक ऑफ इंडिया ने 44 में से 18 आवेदन स्वीकृत किए। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 6 में से 4 को स्वीकृति दी है और इसके पास कोई भी आवेदन लंबित नहीं है। अन्य प्रमुख बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक को भी सर्वाधिक 170 आवेदन मिले थे, लेकिन मात्र 7 को मंजूरी दी गई। 41 आवेदन लंबित हैं।