वाइल्डलाइफ एसओएस ने खत्म की डांसिंग भालू प्रथा
ममता संजीव दुबे ने कहा कि जब लोगों ने शुरू में 'डांसिंग' भालू प्रथा के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की तो सुविधाओं और आपूर्ति की कमी के कारण वह पूरा ना हो सका, जिसके बाद वाइल्डलाइफ एसओएस के सहयोग से यह कार्य पूरा हुआ। आगरा में उनकी पहली स्लॉथ बेयर रेस्क्यू फैसिलिटी की स्थापना सभी के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आई। वर्ल्ड स्लॉथ बेयर डे होने से लोगों को विशेष प्रजातियों से परिचित होने और उनकी जरूरतों को समझने का मौका मिलेगा।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ और सह संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि यह भारत में स्लॉथ भालुओं के संरक्षण के लिए एक बहुत बड़ी एवं अनूठी पहल है। अब से 12 अक्तूबर पूरी दुनिया में स्लॉथ भालुओं की रक्षा और संरक्षण में मददगार साबित होगा। इसके उन्होंने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश वन विभाग का आभार व्यक्त किया। संस्था की सचिव और सह-संस्थापक गीता शेषमणि ने कहा कि दुनिया भर के लोगों द्वारा ग्लोबल स्लॉथ बेयर डे को दिखाए गए समर्थन से हम अभिभूत हैं। यह वन्यजीव संरक्षण में एक नए युग की शुरुआत है।