नेता के गनर के रूप में रहता था तैनात
सुखवेंद्र ने फोन पर वार्ता में बताया कि बहन ने बहनोई की सारी कहानी बताई, तब वह उसी दिन आया। यहां पर आकर पुलिस को कॉल करके बुलाया और सत्यमान को पकड़वा दिया। पुलिस पूछताछ में बहनाेई ने बताया है कि संजीव कुमार निवासी हापुड़ एक नेता है, उसके साथ फर्जी पुलिसकर्मी बनकर गनर का काम करता है। इसके कारण संजीव को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। जबकि हम लोगाें को वह सुरक्षा गार्ड की नौकरी बताता था।
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मेल नहीं खा रही पुलिस की कहानी
पूरे मामले में पुलिस ने जो कहानी बताई है, वो फर्जी आरक्षी की गिरफ्तारी कराने वाले लोगों की बात से मेल नहीं खा रही है। पहली पत्नी व उसके भाई के मुताबिक इन लोगों ने पुलिस को 13 अक्तूबर को फोन कर सत्यमान को पकड़वा दिया था। जबकि कोतवाली नगर पुलिस के मुताबिक 14 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज किया गया। 15 अक्तूबर की सुबह 11 बजे रेलवे पुल जीटी रोड से आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो पुलिस की वर्दी पहने हुए था। बैज व उप्र पुलिस का लोगो, सीटी डोरी, बैल्ट, खाकी कैप, नेम प्लेट, दो परिचय पत्र बरामद किए गए।
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