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Agra News: पहले लापरवाही की भेंट चढ़ा बेटा अब सिस्टम से जूझ रहा आश्रित का परिवार

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15 दिनों से सदर तहसील में धरने पर बैठा मृतक रवि का परिवार स्त्रोत अमर उजाला
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आगरा। बेबस बूढ़ी मां। लाचार विधवा और उसके तीन बच्चे, 15 दिनों से ठंड में ठिठुर रहे हैं। सदर तहसील में धरना दे रहे पांचों लोगों की सुनने वाला कोई नहीं। सात महीने पहले घर का पालनहार दक्षिणांचल की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। अब पूरा परिवार दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर है। पडि़त परिवार अनुग्रह राशि, इलाज खर्च और आश्रित की नौकरी के लिए पिछले 15 दिन से सदर तहसील में धरना दे रहा है लेकिन सक्षम अधिकारी ने उनकी सुधि नहीं ली।
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घटना करीब सात महीने पुरानी है। रवि कुमार सोलंकी दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के 33/11 उपकेंद्र, किरावली पर संविदा पेट्रोल मैन थे। करीब 20 साल से कार्यरत थे। 9 अप्रैल 2025 को तहसील के सामने ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए गए थे। उन्होंने शाम 4 बजे से 6.30 बजे तक रोस्टर टाइम व शट डाउन लेकर मरम्मत कर रहे थे। लेकिन विभागीय लापरवाही से शट डाउन के बावजूद 11 हजार वोल्टेज की लाइन में करंट आने से पति गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान छह दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई।
पत्नी रजनी बताती हैं कि मौके पर पहंचे अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता किरावली ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये अनुग्रह राशि, 5 लाख रुपये बीमा राशि, ईपीएफ व अन्य देयों का भुगतान और आश्रित को संविदा पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने 7.50 लाख रुपये देकर पल्ला झाड़ लिया। कर्ज लेकर पति का इलाज कराया था। प्राप्त धनराशि कर्ज में चली गई।
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रजनी बताती हैं कि घर में जब खाने के लिए एक दाना नहीं बचा तो मजबूरी में बच्चों और सास को लेकर सड़क पर ना पड़ा। पिछले एक पखवाड़े से परिवार सदर तहसील में धरना दे रहा है लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं। कहती हैं बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और बूढ़ी मां का सहारा छिन गया। परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। इस संबंध में डीएम अरविंद बंगारी का कहना है कि परिवार की मदद के संबंध में दक्षिणांचल अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
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