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पहले मंत्री जी का आफिस हटाओ, हम खुद हट जाएंगे

Sat, 04 Jul 2015 01:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास राज्यमंत्री डाक्टर रामशंकर कठेरिया के खिलाफ लगातार हल्ला मचा रही एनएसयूआई ने शुक्रवार को डा. भीमराम अंबेडकर विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में अपना कैंप ऑफिस खोल दिया। आरोप लगाया कि केंद्रीय राज्यमंत्री ने यूनिवर्सिटी कैंपस में अपना कैंप कार्यालय बना रखा है। एनएसयूआई के नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक मंत्री का ऑफिस नहीं हटाया जाता, वे भी अपना दफ्तर नहीं हटाएंगे। उन्हें हटाने के लिए पहुंचे कुलसचिव और पुलिस के साथ उनकी जमकर नोंकझोंक हुई।
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बता दें, इन्हीं आरोपों को लेकर कार्रवाई की मांग करते हुए छात्र नेताआें ने गुरुवार को कुलपति को ज्ञापन सौंपा था। शुक्रवार कोे एनएसयूआई कार्यकर्ता सुबह साढ़े ग्यारह बजे खंदारी कैंपस स्थित गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां संगठन का बैनर लगाकर कैंप कार्यालय खोल दिया। इसी बीच कुलसचिव केएन सिंह पहुंचे। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की संपत्ति बताकर कार्यालय हटाने की बात कही। इस पर छात्र नेता बोले, केंद्रीय राज्यमंत्री भी कैंपस में स्थित अपने निवास पर अवैध तरीके से राजनैतिक गतिविधियों के लिए कैंप कार्यालय चला रहे हैं, उन्हें क्यों नहीं हटाया जा रहा है? इसको लेकर कुलसचिव और छात्राें में बहस हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सख्ती दिखाई तो छात्राें ने नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बढ़ते देख कुलसचिव ने मंत्री को नोटिस दिए जाने की बात कही। छात्र नेताओं ने इसकी कॉपी मांगी, लेकिन वह उपलब्ध नहीं करा पाए।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव अमित सिंह ने बताया कि कुलपति ने मंत्री को अवैध निर्माण के खिलाफ नोटिस देने की बात कही थी, लेकिन कुलसचिव से कॉपी मांगी तो उन्होंने एक फर्जी लेटर दिखा दिया, जिस पर विवि की मुहर-लेटरपैड, अधिकारियों के हस्ताक्षर तक नहीं थे। प्रदर्शन में मनीष गौतम, दीपक शर्मा, धर्मेंद्र चाहर, योगेश डाबर, हर्ष उपाध्याय आदि शामिल रहे।
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विश्वविद्यालय के पीआरओ डा. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि वह केंद्रीय राज्यमंत्री हैं, उन पर कार्रवाई का अधिकार नहीं है। वैसे कुलसचिव ने क्या निर्णय लिया है, उसकी जानकारी नहीं है।
राजभवन और शासन को शिकायत
कुलपति से गुरुवार को अभद्रता करने पर विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त हो गया है। विवि ने कथित छात्र नेताआें के छात्र होने का सत्यापन कराएगा। वहीं, कुलपति से अभद्रता करने वाले छात्र नेताआें की शिकायत राजभवन, प्रदेश सरकार से भी की है। पीआरओ ने बताया कि कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी है।
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