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केंद्र ने रोकी पर्यटन योजनाओं की फंडिंग

Sat, 04 Jul 2015 01:29 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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पैसा केंद्र सरकार का, लेकिन नाम और वाह वाही राज्य सरकार की। एक दो नहीं, बल्कि दर्जनों योजनाओं में यही हाल देखने के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच तनातनी हो गई है। ताजमहल और आगरा के पर्यटन योजनाओं पर धन वर्षा करने वाली केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिए हैं। बटेश्वर, नाइट बाजार और ताजगंज प्रोजेक्ट की केंद्र ने फंडिंग रोक दी है।
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केंद्र की एंबुलेंस सेवा 108 हो या कौशल विकास मिशन, प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार ने इन सभी योजनाओं को नया नाम देकर इन्हें राज्य सरकार की योजनाओं के नाम से प्रचारित किया। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले क्रेडिट की जंग को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की योजनाओं पर फंड देना ही बंद कर दिया है। साल 2013-14 में केंद्र सरकार ने जिन पर्यटन योजनाओं को स्वीकृत किया था, उनकी फंडिंग रोकी गई है। इनमें बटेश्वर के मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 4.56 करोड़ की रकम समाज कल्याण विभाग और इंटेक के बीच के विवाद से वापस हो गई तो वहीं अब सदर के नाइट बाजार के लिए स्वीकृत किए गए 2.60 करोड़ रुपये की रकम भी वापस हो गई। इसमें पांच लाख रुपये केंद्र सरकार टोकन मनी के रूप में जारी भी कर चुका था। यही हाल ताजगंज प्रोजेक्ट का भी है। ताजमहल के पास 167 करोड़ रुपये के ताजगंज प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार ने 25 करोड़ रुपये जारी किए थे। 2016 तक पूरे होने वाले ताजगंज प्रोजेक्ट में हर साल 25 करोड़ रुपये की रकम केंद्र से मिलनी थी, लेकिन पहली किश्त के बाद ही केंद्र सरकार से वित्तीय मदद बंद हो गई है।

अब कैसे संवरेगा सदर, बटेश्वर
10 साल से फाइलों में घूम रहा नाइट बाजार का प्रोजेक्ट अब फाइलों में ही दफन हो जाएगा। सदर बाजार को नाइट बाजार में तब्दील करने के लिए केंद्र सरकार से यह रकम मांगी गई थी। कई सालों बाद नाइट बाजार के लिए बजट भी स्वीकृत हो गया, लेकिन अब फिर से सदर बाजार और खासकर पर्यटन उद्योग के लोगों को ना उम्मीद होना पड़ेगा। सदर में बैंड स्टैंड, म्यूजिकल फाउंटेन सहित पर्यटन सुविधाएं की जानी थीं। इसी तरह बटेश्वर में इंटैक और समाज कल्याण विभाग के विवाद में मंदिरों का कायाकल्प नहीं हो पाएगा। पहले से जर्जर मंदिरों की दशा इससे और बिगड़ेगी।
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