फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले टाइम टेबल बनाएं, फिर विषयों को चुनने का विकल्प दें

विज्ञापन
विज्ञापन
आगरा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संबंध में जानकारी देने के लिए मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध जिले के सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक सेंट जोंस कॉलेज में हुई। इसमें जिला समन्वयक ने प्राचार्यों को बताया कि वह पहले समय सारिणी बना लें, इसके बाद ही छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप मेजर, माइनर और वोकेशनल विषयों को चुनने का विकल्प दें। छात्र-छात्राओं के इच्छा के अनुरूप ही नहीं, अपनी समय सारिणी और संसाधनों के अनुरूप विषय चयन का विकल्प दें।
विज्ञापन

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए जिला समन्वयक बनाए गए सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी ने कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को तीन मेजर विषय चुनने हैं। वह तीनों विषय अपने ही संकाय या फिर एक मेजर विषय किसी और संकाय से चुन सकता है। माइनर विषय एक लेना होगा। इसे भी किसी संकाय से ले सकता है। माइनर में संगीत को छोड़कर किसी और विषय में प्रैक्टिकल नहीं है। सैद्धांतिक प्रश्न ही पूछे जाएंगे। एक अनिवार्य सह पाठ्यक्रम पढ़ना है। बीए, बीएससी बीकॉम प्रथम सेमेस्टर के लिए फूड एंड न्यूट्रीशन विषय तय किया गया है। इसकी परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। बहु विकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे।
दूसरी समन्वयक बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पूनम सिंह ने कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को एक वोकेशनल (रोजगारपरक) पाठ्यक्रम चुनना होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चालू सत्र के लिए 135 पाठ्यक्रम तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल तक इसके अंक जमा करने हैं। इससे पहले पाठ्यक्रम पूरा करा लिया जाए। 15 घंटे सैद्धांतिक ज्ञान और 60 घंटे प्रायोगिक ज्ञान देना है। प्रायोगिक ज्ञान स्किल पार्टनर के जरिये देना है। सैद्धांतिक ज्ञान कॉलेज अपने शिक्षक से भी दिलवा सकता है। उन्होंने कहा कि कॉलेज को स्किल पार्टनर के साथ अपना एक शिक्षक जरूर लगाना चाहिए। जो कि कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करे।
विज्ञापन

जिले में विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 175 कॉलेज हैं। बैठक में 40 कॉलेजों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने प्राथमिक स्तर के सवाल पूछे। जबकि सत्र समापन की ओर बढ़ रहा है। परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। मार्च के दूसरे हफ्ते से परीक्षाएं कराई जानी हैं। बैठक में सवाल पूछे गए कि - किसी विद्यार्थी ने इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग से किया है, तो क्या वह बीए कर सकता है। कॉलेज में बीएससी व बीकॉम के पाठ्यक्रम ही संचालित हैं, छात्र-छात्राएं दूसरे संकाय के विषय चुन सकते हैं या नहीं। इंटरमीडिएट में पीसीएम पढ़ने वाला छात्र, स्नातक में बायो का विषय चुन सकता है कि नहीं। कॉलेज विकास परिषद के निदेशक डॉ. संजय जैन ने प्रश्नों के जवाब दिए। इस मौके पर सेंट जोंस कॉलेज की राष्ट्रीय शिक्षा नीति समिति की सदस्य डॉ. विन्नी जैन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें