फिरोजाबाद के जसराना में अज्ञात कारणों से झोपड़ी में लगी आग को बुझाने का प्रयास छोड़ पिता अंदर फंसे अपने तीन बच्चों को बचाने का प्रयास करता रहा। जहां पत्नी चीखपुकार कर रही थी वहीं पिता आग की लपटों में घिरे अपने बच्चों को बचाने के लिए आग से खेल रहा था। आग बुझने से पहले बच्चों को बाहर तो निकाल लिया लेकिन उनकी जिंदगी नहीं बचा सका। बच्चों को बचाने के प्रयास में पिता भी गंभीर रूप से झुलस गया। झुलसे पिता का गंभीर अवस्था में उपचार चल रहा है। बच्चों के शव को देखकर मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
थाना जसराना के गांव खड़ीत डेरा बंजारा में शकील की झोपड़ी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। जब आग के बारे में शकील को मालूम हुआ तब तक आग की लपटें आसमान छूने लगी। आग की लपटें इतनी तेज थी कि बच्चों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। शकील और उसकी पत्नी मजादी बाहर निकले तो बच्चों को नहीं देख चीखने लगे। बच्चों को अंदर फंसा देख शकील ने साहस दिखाया और बच्चों को निकालने के लिए आग के बीच अंदर गया और एक के बाद एक बच्चों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। जब तक वो बच्चों को बाहर निकालकर लाता तब तक बच्चे गंभीर रूप से झुलस चुके थे। ग्रामीणों के अनुसार दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चे की उपचार के दौरान आगरा में मौत हो गई।
एसडीएम जसराना आदेश सिंह सागर ने बताया कि खड़ीत में हृदय विदारक घटना हुई है। मौके पर जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। नुकसान का भी आंकलन किया गया है। शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। संस्तुति मिलते ही आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत शकील को दो किस्तें दी जा चुकी हैं, लेकिन उन्होंने छत नहीं डलवाई है।
पिछले वर्ष पाढ़म में हुआ था भीषण अग्निकांड
एक वर्ष पहले 29 नवंबर 2022 को जसराना के कस्बा पाढ़म में भीषण अग्निकांड हुआ था। इलैक्ट्रोनिक एवं फर्नीचर की दुकान में आग लगने से एक ही परिवार के मनोज कुमार, नीरज (35) पत्नी मनोज कुमार, शिवानी पत्नी नितिन, तेजस्वी पुत्री नितिन, हर्ष पुत्र मनोज, भारत पुत्र मनोज की मौत हो गई थी। एक साथ एक ही परिवार के छह लोगों की मौत के बाद जसराना में अग्निशमन केंद्र की मांग को लेकर विधानसभा में म़द्दा उठा था। लेकिन अभी तक कोई कार्य नहीं हो सका है। हादसे में बचे रमन सिंह एवं उनके पुत्र अभी भी उस हादसे उबर नहीं पाए हैं।