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कोरोना उपचार करने वाले 12 अस्पतालों में सामने आई 'लापरवाही', प्रशासन ने जारी किया नोटिस

Tue, 08 Sep 2020 12:22 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • आगरा में कोरोना उपचार कर रहे 12 अस्पतालों में से नौ में आग से बचाव के इंतजाम अधूरे मिले हैं। इनमें एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल भी शामिल हैं। 
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एसएन में लगा फायर ब्रिगेड सिस्टम, जिसमें अभी तक पाइप नहीं लगाए गए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अहमदाबाद और विजयवाड़ा में अस्पतालों में अग्निकांड हो जाने पर अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के निर्देश पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी रंजन शर्मा ने आगरा के अस्पतालों में जांच-पड़ताल की तो बड़ी लापरवाही सामने आई। नौ अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजाम अधूरे मिले। उन्होंने प्रशासन को रिपोर्ट दी है। प्रशासन ने सभी अस्पतालों को नोटिस जारी किए हैं।

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दो सितंबर को दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि नयति हॉस्पिटल में एक लाख लीटर पानी की क्षमता का भूमिगत टैंक होना चाहिए जबकि 40 हजार लीटर का टैंक मिला। 60 हजार लीटर का एक और टैंक बनाने के निर्देश दिए हैं। इमारत में पिछला हिस्सा बाधित है। इसमें फायर ब्रिगेड नहीं घूम सकती। 


प्रभा हॉस्पिटल में 50 हजार लीटर क्षमता का भूमिगत और 20 हजार लीटर क्षमता का टैरेस टैंक नहीं मिला। 2,280 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) क्षमता का विद्युत पंप, 180 एलएमपी जौकी पंप, हाईड्रेंट, ऑटो स्प्रिंकलर व अलार्म सिस्टम की कमी मिली।

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50 हजार लीटर क्षमता का भूमिगत टैंक नहीं

पुष्पांजलि वर्ल्ड लिंक होटल में कोरोना उपचार किया जा रहा है। यहां 50 हजार लीटर का भूमिगत टैंक नहीं है। टैंक के पास 1620 एलपीएम डीजल और 180 एलपीएम जौकी पंप की जरूरत है। पांच हजार लीटर का टैरेस टैंक नहीं मिला। हौजरील की कमी है। रामरघु हॉस्पिटल में उपलब्ध अग्निशमन उपकरण क्रियाशील हैं लेकिन इमारत में पीछे की तरफ अवरोध है। परिसर में फायर ब्रिगेड घूम नहीं सकती।

एसएन में नेत्र रोग विभाग, सर्जरी, इमरजेंसी में व्यवस्था अधूरी

एसएन के नेत्र रोग विभाग में भी आग से बचाव के पर्याप्त उपकरण नहीं हैं। पांच हजार लीटर का टैरेस टैंक, 450 एलपीएम का टैरेस पंप, हौजरील और डाउनकमर की जरूरत है। इलैक्ट्रिक फायर अलार्म सिस्टम नहीं है। आइसोलेशन सेंटर के कोविड एमसीएच विंग में अग्नि सुरक्षा से बचाव के उपकरण उपलब्ध हैं लेकिन इन्हें चलाने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। 

प्रशिक्षित स्टाफ रखने के लिए अग्निशमन विभाग ने दूसरी बार नोटिस जारी किया है। न्यू सर्जरी बिल्डिंग में अग्निकांड से बचाव के लिए उपकरण मौजूद हैं, लेकिन रखरखाव नहीं हो रहा। प्रशिक्षित स्टाफ नियुक्त नहीं है। इमरजेंसी विभाग में मानक के मुताबिक अग्नि सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। पांच हजार लीटर टैरेस टैंक, 450  एलपीएम टैरेस पंप, हौजरील, डाउनकमर और इलैक्ट्रिक फायर अलार्म सिस्टम की जरूरत है। यहां भी नोटिस दिया गया है।
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बरौली अहीर में अलार्म सिस्टम खराब

स्वास्थ्य केंद्र बरौली अहीर में अलार्म सिस्टम, एक्सटिंग्यूशर, हौजरील व अन्य अग्नि सुरक्षा उपकरण कई वर्षों से खराब पड़े हैं। जिला अस्पताल, मूलचंद मेडिसिटी और हिंदुस्तान कॉलेज में चल रहे आइसोलेशन वार्ड में मानकों के अनुसार इंतजाम मिले।

पूरे करा रहे मानक

एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने कहा कि अस्पतालों में जो कमियां मिली हैं उन्हें पूरा कराया जा रहा है। अग्निशमन विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। एसएन में स्टाफ को प्रशिक्षित कराने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया है। 

हो चुके हैं हादसे

छह अगस्त को अहमदाबाद में कोरोना वार्ड में आग लगने पर आठ लोगों की मौत हुई। इसके बाद नौ अगस्त को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में कोरोना उपचार के लिए बने अस्पताल में आग लगने से दस लोगों की जान गई।

बढ़ा रहे जल संग्रहण क्षमता

नयति हेल्थ केयर की निदेशक शिवानी शर्मा ने कहा कि हमारे अस्पताल के भूतल में जल संग्रहण की क्षमता 40 हजार लीटर है, अग्निशमन विभाग ने निरीक्षण कर इसे 60 हजार लीटर करने को कहा है, इस कार्य को शुरू करा दिया गया है। 
 
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