फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस तारीख से करिए ताज का दीदार, आगरा किले के भी खुलेंगे द्वार, डीएम ने जारी किया आदेश

Tue, 08 Sep 2020 12:22 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • कोरोना के कारण 17 मार्च से बंद है ताजमहल और आगरा किला
  • एक सितंबर से खुल चुके हैं आगरा के अन्य स्मारक 
विज्ञापन
ताजमहल आगरा और आगरा लाल किला खोलने की तारीख घोषित - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना के कारण 17 मार्च से बंद चल रहे विश्वदाय स्मारक ताजमहल और आगरा किला को 21 सितंबर से सैलानियों के लिए खोल दिया जाएगा। डीएम प्रभु एन सिंह ने मंगलवार को इसके आदेश के साथ गाइडलाइन भी जारी कर दी।  ताजमहल में पांच हजार और आगरा किला में 2500 पर्यटकों को प्रतिदिन प्रवेश मिल सकेगा।
विज्ञापन



ताजमहल में सुबह की शिफ्ट में 2500 और शाम की शिफ्ट में भी 2500 सैलानी जबकि आगरा किला में सुबह की शिफ्ट में 1300 और दोपहर की शिफ्ट में 1200 पर्यटक प्रवेश कर पाएंगे। आगरा में सिकंदरा, फतेहपुर सीकरी और एत्माद्दौला सहित अन्य सभी स्मारक एक सितंबर से ही खोले जा चुके हैं।

ताज बंद हुआ तब देश  में 114 संक्रमित थे, अब 42 लाख हो चुके
17 मार्च 2020 को जब देश मे कोरोना के 114 मरीज थे, तब ताजमहल, आगरा किला समेत देश भर के स्मारकों को बन्द करने का फैसला लिया गया था, लेकिन 17 मार्च से लेकर 21 सितंबर तक 188 दिनों में कोरोना के मामले बढ़कर लाखों में हो गए। सोमवार तक देश मे 42 लाख केस हो गए। 17 मार्च को बन्दी के वक्त आगरा में कोरोना मरीजो की संख्या छह थी, जबकि अब छह सितंबर तक 3376 संक्रमित मिल चुके हैं।

प्रवेश के ये है नियम

- पर्यटकों को मास्क और फेस कवर लगाना होगा

- प्रवेश देने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी

- स्मारकों में प्रवेश, निकास के अलग रूट होंगे

- स्मारक में ग्रुप फोटोग्राफी की अनुमति नहीं होगी

- लाइसेंस धारक गाइड, फोटोग्राफर काम कर सकेंगे

- स्मारकों में प्रवेश केवल ऑनलाइन ई-टिकट से मिलेगा

- पार्किंग समेत सभी भुगतान डिजिटल पेमेंट से होंगे।

- स्मारक में खाने का सामान नहीं ले जाया जा सकेगा
विज्ञापन

जिला प्रशासन ने 21 सितंबर से ताजमहल और आगरा किला को खोलने की अनुमति दे दी है, जिसका प्रचार हमने अपनी वेबसाइट और अन्य माध्यमों से करना शुरू कर दिया है। प्रवेश के लिए जो एसओपी जारी की गई है, उसका सख्ती से पालन कराया जाएगा - बसंत कुमार स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें