आगरा के बिजलीघर स्थित चक्की पाट में शनिवार सुबह नौ बजे धर्मेंद्र सोनी की चार मंजिला जूता फैक्टरी में भीषण आग लग गई। इससे आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकल आए। फैक्टरी में लगी आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं होने पर पुलिस को सूचना दी। छह दमकलों ने तकरीबन दो घंटे में आग बुझाई। आग लगने का कारण पता नहीं चल सका है। लाखों के नुकसान का अनुमान है।
फैक्टरी मालिक धर्मेंद्र सोनी प्रतापपुरा के रहने वाले हैं। उन्होंने चक्की पाट में पुराने मकान में फैक्टरी संचालित कर रखी है। आसपास कई घर भी बने हुए थे। यह बिजलीघर मुख्य मार्ग से 50 मीटर गली में है। यहां पर गाड़ी नहीं जा सकती। शुक्रवार शाम को फैक्टरी बंद हुई थी। शनिवार सुबह नौ बजे कुछ कर्मचारी आए तो धुआं निकला देखा। प्रथम तल पर आग लगी हुई थी।
उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया। धुआं ऊपर तक निकलने पर आसपास के लोगों को पता चल गया। काफी संख्या में लोग घरों से बाहर निकल आए। इसके बाद आग बुझाने में जुट गए। मगर, इससे कोई फायदा नहीं हुआ। सूचना पर पुलिस और दमकल पहुंच गईं। दमकलकर्मियों ने मुख्य मार्ग पर दमकल को खड़ा किया। इसके बाद पाइप लगाकर फैक्टरी तक पहुंचाया। तकरीबन दो घंटे में आग बुझाई जा सकी।
पुलिस करेगी जांच
थानाध्यक्ष रकाबगंज राकेश कुमार ने बताया कि फैक्टरी रिहायशी इलाके में खुली हुई है। आसपास मकान भी बने हैं। उन्हें खाली करा दिया गया था। फैक्टरी में आग बुझाने के इंतजाम नहीं थे। फिलहाल आग लगने का कोई कारण पता नहीं चला है। लोग यही कह रहे थे कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी होगी। इसकी जांच कराई जाएगी। मालिक ने लाखों के नुकसान का अनुमान बताया है।
घनी आबादी इलाकों में चल रहीं फैक्टरी
छत्ता के जीवनी मंडी में चंदा पान वाली गली में भी जूता फैक्टरी में शुक्रवार सुबह आग लगी थी। आधा घंटे में आग को बुझा लिया गया था। यह फैक्टरी भी रिहायशी इलाके में संचालित हो रही थी। 24 घंटे में दूसरी फैक्टरी में आग लगी।
शहर में घनी आबादी इलाकों में जूता फैक्टरी संचालित हो रही हैं। इनमें जूता मैटेरियल से लेकर केमिकल तक रखा जाता है। मंटोला, छत्ता, रकाबगंज, सदर, जगदीशपुरा, शाहगंज, लोहामंडी, एत्माद्दौला क्षेत्र में फैक्टरियां संचालित हो रही हैं। इन फैक्टरियों में अग्निशमन के इंतजाम भी नाकाफी हैं।