मैनपुरी। गद्दा फैक्टरी में लगी आग के वक्त स्थानीय लोगों ने सूझबूझ से काम लिया और तीन लोगों की जान बचा ली। लोगों ने आग बुझाने में भी पुलिस और दमकलकर्मियों की मदद की। साथ ही अंदर रखे सामान को भी बचाने का प्रयास किया।
गद्दा फैक्टरी में आग लगते ही फैक्टरी मालिक अरविंद यादव व स्वामीशरण यादव के अलावा नगरिया निवासी कर्मचारी कल्लू और भूरे दूसरी मंजिल पर फंस गए। इमारत में आग भड़कने से उन्हें बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। इस बीच स्थानीय लोगों की भीड़ भी मौके पर एकत्रित हो गई। स्थानीय लोगों ने भूतल (सबसे नीचे) रखे गद्दों को निकालकर गली में बिछाना शुरू कर दिया।
इस बीच ऊपरी मंजिल पर फंसे लोगों से स्थानीय लोगों ने गद्दों के ऊपर कूदने के लिए कहा। सभी ने ऊपर से नीचे छलांग लगाई और उनकी जान बच गई। हालांकि दिव्यांग स्वामीशरण यादव को आग ने बचने का मौका नहीं दिया और उनकी मौत हो गई।
सब कुछ राख हो गया
आग से कितना नुकसान हुआ इसका सटीक आंकलन तो नहीं हुआ, लेकिन सभी अपने-अपने तरीके से नुकसान का कयास लगाते रहे। कभी पिता लक्ष्मी नारायण यादव ने 50 लाख रुपये के नुकसान की बात कही, तो कभी नुकसान एक करोड़ के आसपास बताया। जिला अस्पताल में भर्ती अरविंद यादव ने फफक-फफक कर रोते हुए बताया कि दिवाली को लेकर काफी माल तैयार रखा हुआ था। मौके की स्थिति देखने के बाद ही नुकसान का सही आंकलन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मेरा तो सब कुछ खाक हो गया। भाई की भरपाई कैसे होगी।
एक घंटे के बाद आग पर काबू पाया जा सका
आग बेकाबू होती देख वहां मौजूद कर्मचारियों और अरविंद ने दूसरी मंजिल से नीचे रखे गद्दों पर कूदकर जान बचाई। जानकारी मिलने के बाद एएसपी मधुवन कुमार, एडीएम बी. राम, एसडीएम ऋषिराज, सीओ सिटी अभय नरायण राय पुलिस फोर्स और दमकलकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। पांच दमकल की मदद से करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराने के साथ ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
फैक्टरी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग केमिकल के संपर्क में आकर भड़क गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है। मृतक का भाई घायल हुआ है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अभय नरायण राय, सीओ सिटी।