फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: चार अधीक्षण अभियंताओं के खिलाफ दर्ज होगी प्राथमिकी, एक्सईएन ने दी तहरीर

विज्ञापन
विज्ञापन
आगरा। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के फतेहाबाद विद्युत वितरण मंडल में 30 करोड़ से ज्यादा के टेंडर घोटाले में शामिल रहे चार अधीक्षण अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए एक्सईएन फतेहाबाद ने पुलिस को तहरीर दे दी है। तहरीर में शिविर सहायक को मुख्य आरोपी जबकि दो सेवानिवृत्त एसई, दो सेवारत एसई व लेखाकार को घोटाले में सहयोगी बताया गया है। तहरीर मिलने के साथ ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन

दरअसल, निविदा में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद विभाग ने पिछले साल 1 नवंबर को फतेहाबाद में तैनात बाबू नीरज पाठक और 10 नवंबर को सतीश कुमार को निलंबित किया था। इसके बाद एक्सईएन राज कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर साल 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की निविदाओं की जांच कराई।

31 दिसंबर को मुख्यालय को मिली जांच रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने आठ निविदाएं बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए ही ठेकेदार को आवंटित कर दीं। चार टेंडर ऑनलाइन पोर्टल पर निरस्त कर दिए लेकिन उन्हें आवंटित करा दिया। 30 करोड़ से ज्यादा के 40 टेंडर बिना ऑनलाइन पोर्टल पर प्रकाशित कराए ही आवंटित करा दिए। यही नहीं, कई टेंडरों में तो सबसे कम निविदा लगाने वाले की निविदा बढ़ाकर चहेते ठेकेदार को ठेका दिला दिया। आरोप है कि तीन साल के दौरान बाबू और लेखाकार की बनाई फाइलों पर वहां तैनात रहे एसई वीके सिंह, अरविंद पांडेय, दूधनाथ प्रसाद और रविकांत मिश्रा आंख मूंदकर हस्ताक्षर करते रहे। वीके सिंह और अरविंद पांडेय सेवानिवृत्त हो चुके हैं जबकि दूधनाथ प्रसाद पहले ही एक मामले में निलंबित चल रहे हैं। एक्सईएन फतेहाबाद सोमवीर सिंह ने थाना फतेहाबाद में तहरीर दी है। वहीं, विभाग ने प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया के साथ ही सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विज्ञापन


दस्तोवज जलने का बनाया था बहाना
जांच में फंसे शिविर सहायक पाठक ने टेंडर फ्रॉड पकड़े जाने से करीब तीन महीने पहले आग लगने से निविदा पत्रावलियां जलने का बहाना बनाया था। 6 मई 2025 की रात अग्निकांड में दस्तावेज जलने का हवाला देकर 14 मई को थाना फतेहाबाद में तहरीर दी थी। खास बात यह है कि अब विभाग ने जो तहरीर दी है उसमें पाठक पर भ्रष्टाचार से लेकर धोखाधड़ी, कूट रचना, सरकारी अभिलेखों को नष्ट करना, टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अपराध सहित प्रपत्रों की जालसाजी से तैयार करने जैसे आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन

इनके खिलाफ दी है तहरीर

विनोद कुमार, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता
अरविंद कुमार, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता
रविकांत मिश्र, निलंबित अधीक्षण अभियंता
डीएन प्रसाद, निलंबित अधीक्षण अभियंता
सतीश कुमार, तत्कालीन लेखाकार
नीरज पाठक, शिविर सहायक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें