संदेह होने पर कूरियर की रसीद की जांच के लिए कमला मार्केट फव्वारा स्थित अजय लॉजिस्टिक पहुंचे। यहां मिले कर्मचारी दिव्यांश गोयल ने बताया कि 27 अगस्त को एक व्यक्ति आया और दवाओं के पार्सल गाजियाबाद कराने की बात कहते हुए पांच अगस्त की शाम का बिल बनवाकर ले गया, दवाएं भेजी नहीं। अभिलेख देखे तो उसमें भी 27 अगस्त ही तिथि दर्ज थी।
तीन साल में 230 करोड़ रुपये की दवाएं कीं जब्त
औषधि विभाग और नारकोटिक्स विभाग ने तीन साल में 240 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की हैं। इसमें से ग्वालियर की नारकोटिक्स टीम ने फ्रीगंज में दो गोदामों से 225 करोड़ की दवा जब्त की थी। यह अभी तक की सबसे बड़ी कार्रवाई रही। इसके अलावा 25 दवा विक्रेताओं पर बिना लाइसेंस के नारकोटिक्स की दवाओं का काला कारोबार करने पर कार्रवाई की। सील करते हुए आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराए हैं।
गढ़ी भदौरिया में सर्जिकल सामान की अवैध फैक्टरी की थी सील
औषधि विभाग ने जुलाई में गढ़ी भदौरिया में सर्जिकल सामान बनाने की अवैध फैक्टरी पकड़ी थी। इसका संचालक राजन अग्रवाल छापे के वक्त भाग गया था। चार मंजिला इमारत में पैकिंग मशीनें भी मिली थीं। यहां पर 60 से अधिक महिलाएं कार्य करती हुईं मिलीं। फैक्टरी सील करते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है।