कासगंज के पटियाली क्षेत्र में गुरुवार रात सड़क दुर्घटना में एक शिक्षक की मौत हो गई। परिजनों ने घटना के लिए यूपी 100 के पुलिसकर्मियों को जिम्मेदार ठहराया। उनकी तहरीर पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
थाना सिकंदरपुर वैश्य के गांव बघराई निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह (31) सिकंदरपुर मनौना के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे। परिजनों ने बताया कि गुरुवार रात राघवेंद्र कार से गांव लौट रहे थे। गंजडुंडवारा मार्ग पर वो किसी काम से रुके थे।
इसी दौरान यूपी 100 के सिपाही वहां से निकले और कार सड़क पर खढ़ी करने पर उनसे अभद्रता की। जब वो कार लेकर आगे बढ़े तो पुलिस ने पीछा किया। हड़बड़ाहट में कार बेकाबू होकर गड्ढे में जा गिरी। इस घटना में राघवेंद्र की मौत हो गई।
जांच के लिए टीम गठित
शिक्षक की मौत के बाद परिजनों ने घटना के लिए पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए सीएचसी व थाने पर प्रदर्शन किया। एसडीएम शिवकुमार व सीओ गवेंद्र गौतम ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया। जांच के लिए टीम कर दी गई है।
यूपी 100 पर तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों का गुरुवार रात में ही चिकित्सीय परीक्षण कराया। यूपी 100 प्रभारी ने बताया कि हेड कांस्टेबल रामदास, हेड कांस्टेबल शिवराम, कांस्टेबल भुजपाल, कांस्टेबल संदीप सिंह, होमगार्ड नागेंद्र और ओमकार का चिकित्सीय परीक्षण कराया, जिसमें एल्कोहॉल की पुष्टि नहीं हुई।
एएसपी डॉ पवित्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि मृतक के भाई पंकज सिंह की तहररी पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। सीओ पटियाली गवेंद्र गौत, यूपी 100 प्रभारी पद्म सिंह और पटियाली कोतवाली प्रभारी मनोज को जांच सौंपी है।
कड़ी सुरक्षा में हुआ अंतिम संस्कार
कासगंज। शुक्रवार को शिक्षक के शव का अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश देखते हुए पुलिस ने संवदेनशीलता दिखाई। गांव में सिकंदरपुर वैश्य थाना पुलिस, पटियाली कोतवाली पुलिस और सुन्नगढ़ी थाना पुलिस को तैनात किया गया।