आगरा के सिकंदर क्षेत्र में रोटी के बहाने घर में घुसकर सिक्योरिटी गार्डों ने किशोरी के साथ दरिंदगी की। इस मामले में उन्हें जेल भेजा जा चुका है। अब इस सिक्योरिटी एजेंसी के मालिक पर भी केस दर्ज किया गया है।
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी सिक्योरिटी गार्ड जिस एजेंसी में नाैकरी कर रहे थे, उसका पसारा एक्ट में पंजीकरण नहीं था। एडीसीपी प्रोटोकाल पूनम सिरोही की जांच रिपोर्ट के बाद डीसीपी ने सिक्योरिटी एजेंसी मालिक के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
विज्ञापन
सिकंदरा क्षेत्र में 25 फरवरी को 13 वर्षीय किशोरी के साथ वारदात हुई थी। आरोप है कि सिक्योरिटी एजेंसी दो गार्ड रोटी मांगने के बहाने घर में घुसे थे। किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि दोनों आरोपी तोमर सिक्योरिटी फोर्स एजेंसी में नौकरी करते थे। मामले में एजेंसी की जांच कराई गई।
पसारा सेल की नोडल अधिकारी एडीसीपी प्रोटोकॉल पूनम सिरोही हैं। उन्होंने पसारा सेल प्रभारी से सिक्योरिटी एजेंसी की जांच कराई। सामने आया कि सिक्योरिटी एजेंसी का पंजीकरण नहीं है। सिक्योरिटी एजेंसी संचालक नरोत्तम सिंह तोमर के खिलाफ पसारा एक्ट और धोखाधड़ी की धारा में केस दर्ज कराया गया है। सिक्योरिटी एजेंसी बंद करा दी गई है। इससे पहले भी कई ऐसी एजेंसी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।