फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: पैरों पर तोड़े डंडे...उखाड़ लिया नाखून, दूध विक्रेता की बेरहमी से पिटाई, पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज

Tue, 20 Jan 2026 08:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में दूत विक्रेता को इसलिए बेरहमी से पीटा गया, क्योंकि उसने टेंपो से जीवनी मंडी पुलिस चौकी तक नहीं छोड़ा। उसकी बेरहमी से पिटाई करने के मामले में चौकी प्रभारी और उनके तीन सहयोगियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
दूध विक्रेता को थर्ड डिग्री देने का आरोप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के थाना छत्ता की जीवनी मंडी पुलिस चाैकी में दूध विक्रेता नरेंद्र कुशवाह की पिटाई के मामले में तत्कालीन चौकी प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस पर पीड़ित की डंडों से पिटाई का आरोप लगा था। आगरा आए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद माैर्य ने इस मामले में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। हालांकि, विभागीय जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। घटना 2 जनवरी की है।
विज्ञापन


 

सैंया के गांव वीरई निवासी नरेंद्र कुशवाह अपने बड़े भाई धीरज के साथ टेंपो से आगरा आकर घर-घर दूध बेचते हैं। टेंपो धीरज चलाते हैं। नरेंद्र को टेंपो चलाना नहीं आता है। घटना वाले दिन जीवनी मंडी क्षेत्र के गरीब नगर में दूध देने आए नरेंद्र टेंपो में बैठे हुए थे। तभी चाैकी प्रभारी जीवनी मंडी रविंद्र कुमार पुलिसकर्मियों के साथ झगड़े की सूचना पर पहुंचे। वह कुछ युवकों को पकड़कर ले जा रहे थे। उन्होंने नरेंद्र से टेंपो लेकर चलने के लिए कहा। आरोप है कि मना करने पर नरेंद्र को जबरन चाैकी पर ले जाकर पुलिसकर्मियों ने पीटा था। साथ ही शांतिभंग में चालान कर दिया था।

जमानत मिलने के बाद नरेंद्र ने अपने रिश्तेदार भाजपा नेता राकेश कुशवाह के माध्यम से डीसीपी सिटी से शिकायत की। मामले में चाैकी प्रभारी रविंद्र कुमार को निलंबित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। वहीं, सपा नेताओं ने प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद थाना छत्ता के प्रभारी निरीक्षक को भी हटाया गया था।

 

मामले की शिकायत आगरा आए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद माैर्य से भी की गई थी। इसके बाद 16 जनवरी को आरोपी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें पिटाई और गलत तरीके से रोककर रखने की धारा लगाई गई है। इसमें तत्कालीन चाैकी प्रभारी रविंद्र कुमार, पुलिसकर्मी राजबिहारी, संजय और सनीपाल को नामजद किया गया है। एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि मामले में साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।

 
विज्ञापन

पिता ने दी थी तहरीर
घटना के बाद नरेंद्र के पिता ओमवीर ने तहरीर दी थी। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में लिखा था कि नरेंद्र को अवैध हिरासत में रखकर अमानवीय व्यवहार किया गया। बिना वैध प्रक्रिया के प्रताड़ित किया गया। पैर का नाखून उखाड़ दिया। यह भारतीय संविधान, मानवाधिकार और कानून के मूल सिद्धांत का घोर उल्लंघन है। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, मेडिकल रिपोर्ट में नाखून पर लगी चोट पुरानी होने की बात सामने आई थी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें