आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में एक युवक के साथ फाइनेंस कर्मियों की ओर से दंबगई का मामला सामने आया है। अस्पताल से लौट रहे युवक की बाइक को फाइनेंस कर्मियों ने न केवल छीना, बल्कि उससे जबरन 4,500 रुपये की वसूली भी की। इस गंभीर मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिरोजाबाद के टूंडला थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी विजय निवासी सोनू कुमार ने बताया कि उन्होंने 17 अक्तूबर 2025 को 1.11 लाख रुपये में एक पल्सर बाइक खरीदी थी। 31,500 रुपये नकद जमा करने के बाद 80 हजार रुपये का फाइनेंस कराया गया था जिसकी मासिक किस्त 2,793 रुपये थी। सोनू मई तक छह किस्तें जमा कर चुका था। हालांकि, पत्नी के ऑपरेशन और बेटे के जन्म के कारण वह जून, जुलाई और अगस्त की किस्तें जमा नहीं कर सका।
आरोप है कि आठ अगस्त को नवीन गल्ला मंडी के पास फाइनेंस कर्मियों ने उसकी बाइक रोक ली। बकाया किस्त का हवाला देते हुए उसे कार्यालय ले जाया गया, जहां उससे 5,600 रुपये मांगे गए। जब उसने मना किया, तो कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। अपनी बाइक छुड़ाने के लिए, उसने 4,500 रुपये ऑनलाइन आरोपी बाबू यादव के खाते में जमा किए।
सोनू कुमार का आरोप है कि अगले ही दिन संतराम डिग्री कॉलेज के पास फिर दो लोगों ने उसकी बाइक रोकी और उसे रामबाग स्थित कार्यालय ले गए, जहां उससे 11,400 रुपये की मांग की गई। विरोध करने पर उसे गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ऑनलाइन भुगतान के खाते और आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।