फरियादियों ने मंडलायुक्त से जमीनों पर कब्जे और तहसील अधिकारियों की लापरवाही की शिकायत की। कहा चकरोड व अन्य भूमि की पैमाइश नहीं हो रही है। एसडीएम के व्यवहार की भी शिकायत की गई। इससे पहले मंडलायुक्त ने निबंधक कार्यालय का निरीक्षण किया। जहां फाइलों का उचित रखरखाव नहीं मिला।
समाधान दिवस में कुल 162 शिकायतें आईं। इनमें से 15 का मौके पर निस्तारण हो सका। विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर मंडलायुक्त ने जानकारी ली तो पता चला कि थाना प्रभारी बसई जगनेर नहीं आए। उन्होंने दरोगा को भेजा था। सीडीपीओ जगनेर और सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण भी अनुपस्थित रहे। मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों का सात दिन में निस्तारण और फीडबैक लेने के निर्देश दिए हैं।
सदर में आई 175 शिकायतें, 14 निस्तारित
सदर तहसील में 175 शिकायतें आईं। इनमें 14 के निस्तारण का दावा किया गया। एसडीएम कृष्ण कुमार ने जनसमस्याएं सुनीं। सर्वाधिक 73 शिकायत राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। इनमें तालाब, चकरोड व सरकारी भूमि पर कब्जे और पैमाइश में गड़बड़ियों की शिकायत की गई।