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कोख के सौदागर: नेपाल में बेचे गए 50 बच्चे, जांच में पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग

Fri, 26 Jun 2020 12:00 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • हरियाणा के फरीदाबाद से गैंग की पड़ताल कर लौटी पुलिस टीम
  • सरगरना नीलम ने घर में बना रखा है अस्थायी अस्पताल
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोख के सौदागरों की पड़ताल में लगी आगरा पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस के मुताबिक, फरीदाबाद में गैंग की सरगना और सदस्यों ने पांच साल में 50 से ज्यादा बच्चे नेपाल की सरगना अस्मिता को बेचे हैं। पुलिस टीम अब वापस आ गई है। तीन चिकित्सक शुक्रवार को बयान दर्ज कराने आएंगे।

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फतेहाबाद स्थित लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल पर 19 जून को पुलिस ने तीन नवजात बच्चियों के साथ पांच लोगों को पकड़ा था। इनमें दिल्ली निवासी अमित, राहुल, फरीदाबाद निवासी रूबी, प्रदीप कुमार और नीलम थे। 


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यह गैंग फरीदाबाद से चल रहा था। नेपाल की अस्मिता का नाम सामने आया था। वह बच्चों को खरीदने का काम करती है। इसके लिए महिलाओं को वहां पर फरीदाबाद की नीलम लेकर जाती थी। बच्चों को सात से आठ लाख रुपये में बेचा जाता था।

पांच साल से काम कर रही है सरगना

आगरा पुलिस ने दी आरोपी के घर पर दबिश - फोटो : अमर उजाला
एसपी आरए प्रमोद कुमार ने गैंग की पड़ताल के लिए फतेहाबाद के एसआई जितेंद्र गौतम को फरीदाबाद भेजा था। उन्होंने जिन हॉस्पिटलों में डिलीवरी हुई, उनके चिकित्सकों से बात की। उन्हें नोटिस जारी किया गया है। उनसे सवाल पूछा गया है कि डिलीवरी कराने से पहले किन दस्तावेजों को लिया गया। तीन चिकित्सक शुक्रवार को आगरा आएंगे।

एसआई के मुताबिक, नीलम फरीदाबाद के धीरज नगर में रहती है। वहां की एक महिला ने बताया कि नीलम ने उसके अंडाणु लिए थे। एक बार रकम दी थी। नीलम पांच साल से यह काम कर रही है। कई और लोगों ने नीलम के बारे में बताया। 

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इससे आशंका है कि उसने नेपाल में कई महिलाओं को ले जाकर डिलीवरी कराई। 50 से ज्यादा बच्चों को बेचने की आशंका है। लॉकडाउन में पांच बच्चे हुए थे। इनमें तीन बच्चियां थीं, जबकि दो लड़कों का पता नहीं चल सका है। नीलम को रिमांड पर लेने के लिए अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
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घर में बना रखा है अस्थायी अस्पताल

पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि नीलम ने अपने घर में अस्थायी अस्पताल बना रखा है। जिन महिलाओं को गर्भवती कराया जाता था, उनको पांच माह बाद नीलम अपनी निगरानी में रखती थी। इसके लिए अपने घर में बनाए दो कमरों में लेकर आती थी। 

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उन्हें दवाएं और अन्य सामान उपलब्ध कराती थी। उसने अपने घर में कैमरे भी लगा रखे हैं। उसके पकड़े जाने के बाद परिवार के लोग फरार हो गए। उन्होंने घर के पास ही सामान और दवाओं को जला दिया। इसके निशान पुलिस को मिल गए हैं।


 
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