आगरा पुलिस ने दी आरोपी के घर पर दबिश
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एसपी आरए प्रमोद कुमार ने गैंग की पड़ताल के लिए फतेहाबाद के एसआई जितेंद्र गौतम को फरीदाबाद भेजा था। उन्होंने जिन हॉस्पिटलों में डिलीवरी हुई, उनके चिकित्सकों से बात की। उन्हें नोटिस जारी किया गया है। उनसे सवाल पूछा गया है कि डिलीवरी कराने से पहले किन दस्तावेजों को लिया गया। तीन चिकित्सक शुक्रवार को आगरा आएंगे।
एसआई के मुताबिक, नीलम फरीदाबाद के धीरज नगर में रहती है। वहां की एक महिला ने बताया कि नीलम ने उसके अंडाणु लिए थे। एक बार रकम दी थी। नीलम पांच साल से यह काम कर रही है। कई और लोगों ने नीलम के बारे में बताया।
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इससे आशंका है कि उसने नेपाल में कई महिलाओं को ले जाकर डिलीवरी कराई। 50 से ज्यादा बच्चों को बेचने की आशंका है। लॉकडाउन में पांच बच्चे हुए थे। इनमें तीन बच्चियां थीं, जबकि दो लड़कों का पता नहीं चल सका है। नीलम को रिमांड पर लेने के लिए अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि नीलम ने अपने घर में अस्थायी अस्पताल बना रखा है। जिन महिलाओं को गर्भवती कराया जाता था, उनको पांच माह बाद नीलम अपनी निगरानी में रखती थी। इसके लिए अपने घर में बनाए दो कमरों में लेकर आती थी।
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उन्हें दवाएं और अन्य सामान उपलब्ध कराती थी। उसने अपने घर में कैमरे भी लगा रखे हैं। उसके पकड़े जाने के बाद परिवार के लोग फरार हो गए। उन्होंने घर के पास ही सामान और दवाओं को जला दिया। इसके निशान पुलिस को मिल गए हैं।