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एटा में खाद की किल्लत: किसान सुबह 5 बजे लग रहे लाइन में, 7 घंटे बाद मिल रही डीएपी

Sat, 15 Oct 2022 07:31 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

खाद के लिए किसान परेशान हैं। जिन किसानों को डीएपी दी जा रही है, उन्हें उसके साथ 240 रुपये कीमत की नैनो यूरिया जबरन दी जा रही है। 

 
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डीएपी खाद (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटा के किसान सरसों और आलू बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। इनकी बुवाई के लिए डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) की जरूरत है। खाद लेने के लिए किसान सहकारी केंद्रों पर सुबह से ही लाइन में लग जाते हैं। करीब 7 घंटे बाद डीएपी की बोरी उपलब्ध हो पा रही है। किसानों को खाद के साथ 240 रुपये कीमत की नैनो यूरिया की बोतल जबरन थमाई जा रही है।

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जिले में डीएपी खाद की मारामारी है। खाद के लिए किसान सुबह 5 बजे से सहकारी समितियों पर लाइन में लग जाते हैं। इन्हें खाद के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। शहर के अलीगंज तिराहा स्थित सहकारी समिति केंद्र पर सुबह करीब 5 बजे से किसान लाइन में लगे हुए थे। इन्होंने बताया कि सुबह लाइन में लगने के 7 घंटे बाद नंबर आ रहा है। आरोप है कि डीएपी के साथ किसानों को जबरन नैनो यूरिया दी जा रही है। इसकी खेती में फिलहाल कोई जरूरत नहीं है। कृषि विभाग के आला अधिकारी इस पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं।

परेशान हैं किसान

किसानों कहना है कि एक से तीन बोरी डीएपी खरीदने पर नैनो यूरिया की एक बोतल दी जा रही है। इसकी कीमत करीब 240 रुपये हैं। इससे किसान परेशान हैं। किसानों ने विरोध किया इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। किसानों के विरोध पर कर्मचारी भड़क गए। इससे खाद वितरण बंद कर दिया गया। इसके बाद किसान मायूस हो गए। इन्हें मजबूरी में डीएपी के साथ नैनो यूरिया भी लेनी पड़ी।

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ये बोले किसान

सबलपुर के किसान विकास कुमार ने बताया कि सहकारी केंद्र पर डीएपी की बोरी लेने के लिए सुबह पांच बजे लाइन में लग गए थे। सात घंटे बाद डीएपी का नंबर आया। वहीं हरिश्चंदपुर के रहने वाले किसान रिंकू ने बताया कि डीएपी की बोरी के साथ जबरन कृषि में उपयोग होने वाला अन्य सामान दिया जा रहा है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर किसान सामान नहीं ले रहे हैं तो डीएपी भी नहीं दी जा रही है। 

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