मेरठ के शिवराम पुरम, गोलाबाद निवासी रोहित कुमार ने आईआईटी मुंबई से पढ़ाई की थी। वह रविवार शाम को होटल में आए थे। कमरा किराये पर लिया था। रात को खाना खाने भी गए। इसके बाद सो गए। साेमवार को काफी देर तक कमरा न खुलने पर होटल कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी थी। कमरा खोला गया तो वह फंदे पर लटके मिले थे। पेन ड्राइव में सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उन्होंने एक महिला चिकित्सक के नाम का जिक्र करते हुए शव परिजनों या किसी परिचित को नहीं देने के लिए कहा था। अस्पताल में दान करने की बात लिखी थी।
ये भी पढ़ें - UP: महेंद्र पाल कैसे बना अब्दुल रहमान? किताबें और काॅल डिटेल, सगी बहनें भी बहक गईं...जांच में सबसे बड़ा खुलासा
एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि मृतक के पिता सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह आए थे। उनसे पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि रोहित अक्सर घर से चला जाता था। कई दिन बाद आता था। इस बार 10 जुलाई को घर से निकला था। वापस नहीं आया। उन्हें नहीं पता था कि वो आगरा में है। जिस महिला चिकित्सक का नाम लिखा है, वो उनकी रिश्तेदार है। पुलिस ने उसे बुलाने के लिए कहा। मगर घरवालों ने किसी तरह की कार्रवाई से इन्कार कर दिया। वह शव लेकर चले गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने की वजह से माैत की पुष्टि हुई है।