दयालबाग के अंतराष्ट्रीय सेमीनार हॉल में रजा फाउंडेशन की ओर से आयोजित नाटक तिरिछ में मंचन करते कल?
आगरा। दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) के सेमिनार हाल में आयोजित ‘रजा शती’ कार्यक्रम के तहत सोमवार को साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित कथाकार उदय प्रकाश की कहानी ‘तिरिछ’ पर आधारित नाटक की प्रस्तुति ज्ञानेंद्र सिंह अंशु के निर्देशन में दी गई। इसमें बेटे के दर्द और पिता के संघर्ष के बाद मौत को मार्मिक तरीके से दिखाया गया। समाज की व्यवस्था पर कटाक्ष किया गया। बेटा कहता है ‘पिता मेरे लिए सबसे मजबूत किला थे, बचा न सका।’
नाटक में पिता को तिरिछ काट लेता है। एक पंडित जी विष का असर कम करने को धतूरे का रस पीने के लिए देते हैं। जिससे पिता अपने होश खो बैठता है, इसके बाद अस्पताल में इलाज, मुकदमे के नाम पर धक्के खाने वाले दृश्यों के माध्यम से व्यवस्था के मकड़जाल को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान बेटे को नियमित रूप से तिरिछ के सपने आते थे। घर को बचाने की लड़ाई लड़ते हुए व्यवस्थाओं का शिकार होकर पिता की मृत्यु हो जाती है। इसके बाद से बेटे को स्वप्न भी आने बंद हो जाते हैं।
मंच सज्जा कुमार लालू की ओर से की गई। रामा थियेटर मुंबई की ओर से प्रस्तुति की गई। गायन अजय जयराम, साउंड तुषार कुलकर्णी का रहा। बैक स्टेज व्यवस्था राहुल पवार ने देखी। संस्थान के निदेशक प्रो. पीके कालरा ने कलाकारों को सम्मानित किया। इस दौरान डॉ. बृजराज, रंजना पांडे, उमाकांत चौबे, तरुण, अनीता, संजोग, अरविंद तिवारी, दीपक आदि मौजूद रहे।