एसीपी लोहामंडी गौरव कुमार ने बताया कि 10 जुलाई को शाम के समय जगदीशपुरा क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने 10 वर्षीय बेटी के प्रतापनगर स्थित वायरस डांस एकेडमी से नहीं लौटने की शिकायत की थी। घर पर 40 लाख रुपये फिरौती मांगने का पत्र भी भेजे जाने की जानकारी दी थी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखी तो बच्ची डांस क्लास आते नहीं दिखी। पूरे इलाके में चेकिंग शुरू की गई। तीनों थाने के फोर्स को सक्रिय कर दिया गया।
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दो घंटे बाद बच्ची नाटकीय ढंग से खुद लौट आई। घर के पास लगे कैमरों में वह अकेले ही आती दिखी। पुलिस टीम ने बच्ची से बात की तो वह कार चालक द्वारा ले जाने और फिर वापस छोड़ने की बात कहने लगी। कुछ याद नहीं होने की बात कहकर चुप हो गई। पुलिस ने बच्ची के लौटने के रास्ते के सीसीटीवी चेक किए तो एक बाइक सवार उसे छोड़कर जाता दिखा। जांच करने पर बाइक का नंबर पता चल गया। बाइक एमएम गेट क्षेत्र के युवक की निकली। मंगलवार को पुलिस टीम जब उसके घर पहुंची तो वह डर गया। उसने अपहरण का ड्रामा रचने की पूरी जानकारी दी।
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रिश्तेदारों से लेना चाहता था रुपये
पूजा सामग्री का कारोबार करने वाले युवक के कारोबार में घाटा हुआ था। कर्जदार उससे तकादा कर रहे थे। कारोबार के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी। इसलिए उसने बेटी का अपहरण होने का नाटक करने का प्लान बनाया। वह सहानुभूति लेना चाहता था। इससे कर्जदार उससे रकम मांगना बंद कर देते और फिरौती देने के नाम पर वह रिश्तेदारों और परिचितों से रकम ले लेता। पुलिस की सख्ती से उसका दोस्त डर गया और बेटी को बाइक से घर छोड़ आया। इससे पूरी साजिश की कलई खुल गई।
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