मैनपुरी। थाना बरनाहल क्षेत्र केे गांव नगला नया में सात साल पहले एक युवक की गैर इरादतन हत्या के मामले में पिता और उसके चार बेटों को दस साल की सजा सुनाई गई है। अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना बरनाहल के नगला नया निवासी शिवराम सिंह के घर में घुसकर आठ मार्च 2014 की सुबह पौने नौ बजे गंाव के श्रीकृष्ण ने अपने पुत्र राजकुमार, शिवकुमार, कमलेश, विमलेश के साथ शिवराम की पत्नी बीना और पुत्र विकास को धारदार हथियारों से चोटें पहुंचाईं। शोरगुल सुनकर बचाने आए शिवराम के परिवार के अर्जुन पर भी हमला किया। इससे उसकी मौत हो गई। शिवराम ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, सहित घायलों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर पिता सहित चार पुत्रों को गैर इरादतन हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी रोहित शुक्ला ने उनको कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह ने सभी को 10 साल की सजा सुनाकर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।