मैनपुरी। प्रदेश सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण नीति जारी कर दी है। चक्रानुक्रम आधार पर आरक्षण मिलने से प्रत्याशियों के चुनावी गणित फेल हो गए हैं। इससे कहीं मायूसी तो कहीं खुशी का माहौल है। पंचायत राज विभाग भी आरक्षण की तैयारियों में जुट गया है। नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
जिले की 549 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के चुनाव के साथ ही 761 क्षेत्र पंचायत वार्ड और 30 जिला पंचायत वार्डों के लिए चुनाव होना है। चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया को लेकर लोगों को बेसब्री से इंतजार था। हर कोई मान रहा था कि आरक्षण नीति को शून्य करते हुए इसका निर्धारण किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शासन ने चक्रानुक्रम आधार पर आरक्षण प्रक्रिया किए जाने के लिए नियम में संशोधन कर दिया है।
इससे साफ हो गया है कि बीते चुनाव में जो सीट जिस वर्ग के लिए आरक्षित थी उसे इस बार मौका नहीं मिल सकेगा। इसके चलते बड़ी संख्या में प्रत्याशियों को मौका नहीं मिल सकेगा। इससे ग्राम पंचायतों में प्रत्याशियों का चुनावी गणित फेल हो गया है। पंचायत राज विभाग भी तैयारी में जुट गया है। इसके लिए बीते चुनावों के आरक्षण का डाटा तैयार कर लिया गया है। शासन से आदेश मिलते ही आरक्षण निर्धारण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
ये है चक्रानुक्रम प्रक्रिया
चक्रानुक्रम आरक्षण प्रक्रिया में सर्वप्रथम अनुसूचित जनजाति को स्थान दिया गया है। इसके बाद अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला और अंत में अनारक्षित शामिल है। ऐसे में बीते चुनाव में आरक्षण के आधार पर ये क्रम आगे बढ़ेगा।
शासन ने आरक्षण नीति साफ कर दी है। चक्रानुक्रम आधार पर ही आरक्षण होगा। लेकिन अब तक शासन ने आरक्षण निर्धारण के संबंध में कोई आदेश नहीं दिया है। आदेश मिलने पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।