आगरा। जगदीशपुरा क्षेत्र से बेटी के अपहरण की साजिश रचने वाले पिता और उसके दोस्त पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। शांतिभंग में चालान के बाद न्यायालय से दोनों को जमानत मिल गई। वहीं कर्ज के कारण लूट की फर्जी सूचना देने वाले सादाबाद के सराफ को माफीनामा लिखने पर पुलिस ने छोड़ दिया।
जगदीशपुरा क्षेत्र निवासी पूजा सामग्री कारोबारी ने दोस्त के साथ मिलकर बेटी के अपहरण का ड्रामा कर फिरौती के लिए रिश्तेदारों और परिचितों से रुपये लेने की साजिश रची थी। 10 जुलाई को डांस क्लास ले जाने के लिए निकलने के बाद रास्ते में बेटी को दोस्त के साथ उसके घर भेज दिया था। खुद ही फिरौती का लेटर घर में डाल दिया था। रिश्तेदारों और परिचितों को सूचना देकर फिरौती देकर बच्ची को मुक्त करने के नाम पर रुपये मांगे थे। एक रिश्तेदार ने पुलिस को घटना की सूचना देकर मदद मांग ली। पुलिस ने भी मुस्तैदी दिखाई और तलाश शुरू कर दी। कारोबारी ने डर कर दोस्त को कॉल किया और बेटी को रास्ते में छोड़ देने की बात कही। डेढ़ घंटे में पुलिस आ गई। जांच में पूरा मामला खुल गया। उसने स्वीकार किया कि कर्जदारों से बचने और लोगों से मदद के नाम पर रुपये लेने के लिए उसने साजिश रची थी। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों पर धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में सात वर्ष से कम की सजा का प्रावधान है। दोनों का शांतिभंग की धाराओं में चालान किया गया था। बुधवार को दोनों को न्यायालय से जमानत मिल गई।
एक अन्य मामले में मंगलवार को थाना खंदौली क्षेत्र में हाईवे पर सादाबाद के कुरसंडा निवासी सराफा कारोबारी ने 40 लाख रुपयों की लूट की शिकायत की थी। दो बाइक पर सवार 4 बदमाशों पर पीटने के बाद बैग लूटने का आरोप लगाया था। पुलिस की जांच में मामला फर्जी निकला। पुलिस के सख्ती करने पर वह डर गया था। जानकारी हुई कि उसके ऊपर 60 लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज के कारण ही उसने लूट का नाटक रचा था। पुलिस ने उसे हिदायत दी कि भविष्य में वह ऐसी कोई गलती नहीं करेगा। उससे लिखित माफीनामा लेने के बाद पुलिस ने उसे घरवालों की सुपुर्दगी में दे दिया।
लूट का तीन घंटे में खुलासा, अपहरण में लगे तीन दिन
पुलिस का कहना है कि खंदौली प्रकरण में युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसने अवसाद में फर्जी लूट की सूचना दे दी। वहीं जगदीशपुरा प्रकरण पर पिता ने सोची समझी साजिश रची थी। लोगों से रुपये लेने का प्लान बनाया था। बेटी के वापस आने पर भी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। तीन दिन तक पुलिस को काफी परेशान किया। अपराध की मंशा के अनुसार कार्रवाई की गई।