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अगर आपके बच्चे भी हैं फास्ट फूड खाने के शौकीन, तो हो जाएं सावधान, बेहद खतरनाक है यह लत

Sun, 09 Feb 2020 12:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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फास्ट फूड के लती 45 फीसदी बच्चे ओवरवेट पाए जा रहे हैं। इनमें एसिडिटी, पेट में दर्द, जलन, भूख कम लगना जैसी परेशानी भी हैं। प्रतिरोधक क्षमता भी कम पाई जा रही है। आगरा में बाल रोग विशेषज्ञ अभिभावकों को इसकी लत छुड़वाकर पौष्टिक भोजन पर जोर दे रहे हैं।
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फास्ट फूड खाने वाले बच्चों में आठ से 14 साल तक के बच्चे ज्यादा हैं। इनमें औसत वजन 24 से 44 किलो होना चाहिए, लेकिन इनमें आठ से 12 किलो ज्यादा वजन मिला। यह बच्चे सप्ताह में तीन से पांच दिन फास्ट फूड खाकर पेट भरते हैं। 

इन बीमारियों की भी है खतरा

फास्ट फूड से पेट भर जाने के बाद यह पौष्टिक भोजन (हरी तरकारी, सलाद, दालें, चपाती, फल) नहीं करते। इनमें अधिकांश बच्चे संपन्नपरिवार के और मेल हैं। इन बच्चों में औरों के मुकाबले शारीरिक गतिविधियां भी कम पाई गई। चिकित्सक मानते हैं ऐसे बच्चों में आगे चलकर मधुमेह और उच्च रक्तचाप की बीमारी का भी खतरा अधिक रहता है।
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वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी ने बताया कि 40-45 फीसदी बच्चे ओवरवेट मिल रहे हैं। फास्ट फूड में कई हानिकारक तत्व होते हैं जो मोटापा बढ़ाते हैं, भूख कम करते हैं। लंबे समय तक ऐसा होने से बच्चे ओवरवेट के साथ कई बीमारियां के शिकार होने लगते हैं।  इनमें प्रतिरोधक क्षमता और शारीरिक विकास भी प्रभावित मिला। 
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इंडियन पीडियाट्रिक एसोसिएशन के सचिव डॉ अरुण जैन ने बताया कि कई बार अभिभावक भी पौष्टिक भोजन बनाने में आलस करते हैं और फास्ट फूड पर टोकाटाकी नहीं करते, बाद में बच्चों की यह आदत बन गई। आमतौर पर ऐसा हर दूसरा बच्चा ओवरवेट है। प्रतिरोधक क्षमता कम होने से यह जल्द बीमार भी पड़ रहे हैं।
 
उम्र  वजन (किलो में) ऊंचाई (सेमी) 
08 23.90    124.5
09 25.50   130
10 27.50 134
11 31   140
12 34.30 144
13 41.50   153.5
14 44 156.3

हाईप्रोटीन की रहती है जरूरत

एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटीशियन मिनी शर्मा ने बताया कि इस उम्र में शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है। ऐसे में हाईप्रोटीन वाला भोजन जरूरी है, जो फास्ट फूड से नहीं मिलता। बच्चों को नियमित फल के साथ दाल, हरी तरकारी भरपूर देनी जरूरी है।
 
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