इंडियन पीडियाट्रिक एसोसिएशन के सचिव डॉ अरुण जैन ने बताया कि कई बार अभिभावक भी पौष्टिक भोजन बनाने में आलस करते हैं और फास्ट फूड पर टोकाटाकी नहीं करते, बाद में बच्चों की यह आदत बन गई। आमतौर पर ऐसा हर दूसरा बच्चा ओवरवेट है। प्रतिरोधक क्षमता कम होने से यह जल्द बीमार भी पड़ रहे हैं।
| उम्र |
वजन (किलो में) |
ऊंचाई (सेमी) |
| 08 |
23.90 |
124.5 |
| 09 |
25.50 |
130 |
| 10 |
27.50 |
134 |
| 11 |
31 |
140 |
| 12 |
34.30 |
144 |
| 13 |
41.50 |
153.5 |
| 14 |
44 |
156.3 |
हाईप्रोटीन की रहती है जरूरत
एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटीशियन मिनी शर्मा ने बताया कि इस उम्र में शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है। ऐसे में हाईप्रोटीन वाला भोजन जरूरी है, जो फास्ट फूड से नहीं मिलता। बच्चों को नियमित फल के साथ दाल, हरी तरकारी भरपूर देनी जरूरी है।