26एमएनपी-20-किसान किशनपाल का फाइल फोटो।
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औंछा। पांच बच्चों की परवरिश और कर्ज चुकाने की चिंता में एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। बकौल परिजन आए दिन तकादागीर घर पर आते थे। इसके चलते युवक को जलील होना पड़ता था। वह शराब भी पीने लगा था। मंगलवार सुबह किसान का शव पेड़ पर लटका मिला।
परिजनों के अनुसार थाना क्षेत्र के गांव नगला कंचन निवासी 50 वर्षीय किशन पाल वाल्मीकि ने करीब एक लाख रुपये कर्ज लेकर व्यापार किया था। सफलता नहीं मिली और रकम भी डूब गई। उधर पत्नी और पांच बच्चों का भरण पोषण करना भी उसके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। कर्ज का एक लाख का ब्याज बढ़ता जा रहा था। आए दिन तकादे वाले घर पर आकर रुपये लौटाने के लिए जलील करते थे। इसके चलते किशन पाल मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। वह शराब भी पीने लगा था।
सोमवार की शाम किसान घर से खेत पर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। मंगलवार की सुबह ग्रामीणों ने किशन का शव गांव के बाहर स्थित नीम के पेड़ पर लटका देखा। उधर सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही थाना पुलिस भी पहुंच गई। शव को उतरवाने के बाद पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस भी मौत के कारणों की जांच कर रही है।
ओमप्रकाश सिंह, प्रभारी निरीक्षक