कासगंज। खरीफ की फसलों की बुवाई में किसानों के लिए खाद की किल्लत नहीं होगी। निजी व सहकारिता क्षेत्र के लिए लगातार डीएपी उपलब्ध कराई जा रही है। दो दिन में 2881 टन डीएपी उपलब्ध कराई गई है।
इस समय खरीफ की फसल की बुवाई का सीजन चल रहा है। इस सीजन में किसान धान, मक्का, बाजारा, मंग, तिल, उर्द, अरहर, ज्वार, श्रीअन्न आदि फसलों की बुवाई करते हैं। जिले में करीब एक लाख तीस हजार हेक्टेयर में फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। फसलों की बुवाई के समय डीएपी या एनपी के खाद की आवश्यकता होती है। किसानों को फसल की बुवाई में खाद की किल्लत न हो इसके लिए सहकारिता विभाग व कृषि विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। सहकारिता विभाग को 1881 टन खाद दो दिन पहले उपलब्ध हो गई। शनिवार को फिर से 1000 टन डीएपी की रैक और मिल गई। इसमें से 600 टन निजी क्षेत्र को तथा 400 टन सहकारिता क्षेत्र को आवंटित की गई है ताकि किसानों को आसानी से खाद उपलब्ध हो सके। डॉ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में डीएपी, यूरिया सहित अन्य खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यदि कोई विक्रेता निर्धारित कीमत से अधिक में बिक्री करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं एआर को-आपरेटिव महेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में खाद मौजूद हैै। लगातार खाद की आपूर्ति मिल रही है। किसान आवश्यकता के अनुसार ही खरीद करें। खाद का स्टॉक न करें।