कुसमरा। निचली गंगा नहर में तीन महीने से एक भी बार पूरा पानी नही छोड़ा गया है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसानों ने एसडीएम से नहर में पानी छुड़वाने की मांग की है।
नहर के किनारे अधिकांश क्षेत्रफल में सिंचाई के लिए नहर के पानी के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। किसानों का कहना है कि अगर एक सप्ताह तक नहर में पूरा पानी न आया तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी। ढढौस निवासी रामकुमार पांडेय ने बताया कि उनकी लगभग अस्सी फीसदी खेती नहर के किनारे है। नहर के पानी के अलावा कोई दूसरा सिंचाई का साधन नहीं है। अब अगर नहर में पानी नहीं आया तो उनको नुकसान होगा। रामनगर निवासी किसान नरेंद्र संगम का कहना है कि गोवंश से परेशान किसान पूरी रात खेतों की रखवाली कर रहा है। किसान की खेतों में खड़ी फसल गोवंश नष्ट कर रहे हैं। जो फसल बची है वह पानी के अभाव में उजड़ रही है। सहारा निवासी शौकीन सिंह यादव कहना है कि इस समय विधानसभा के चुनाव चल रहे हैं। प्रत्येक दल के नेता किसानों की बात कर रहे हैं। लेकिन आज तक किसी भी नेता ने नहर में पानी न आने की समस्या को प्रमुखता से नहीं रखा है। किसान किशनलाल, सूरज सिंह, रामदास, महेश सिंह, महेश चंद्र, रामदयाल, नाथूराम, अशोक कुमार ने एसडीएम से नहर में पूरा पानी छुड़वाने की मांग की है।
यह गांव हो रहे प्रभावित
अगर समय से नहर में पानी न आया तो नहर के किनारे बसे कई गांवों में फसल नष्ट हो सकती है। इनमें गांव कसद्द, लालपुर, नगला बांध, मुड़ौसी, देवपुरा, रायहार, धीरपुर, नगला जसी, अंतपुरी, नगला नीम, सहारा, दूबर, भीखपुरा, कुलुआपुर, मुरगिया, पदमपुर, अनूपपुर, लठौंगर के किसानों की फसल चौपट हो जाएगी।
किसानों ने नहर में पानी नहीं आने की शिकायत की है। नहर में पानी नहीं आने से फसलों में नुकसान होने की बात कही है। इस संबंध में नहर विभाग के अधिकारियों को अवगत कराकर नहर में शीघ्र ही पानी छुड़वाया जाएगा।
जयप्रकाश, एसडीएम, किशनी