कासगंज में हजारा नहर इलाके में प्रदर्शन करते भाकियू स्वराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष, अन्य पदाधिकारी
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कासगंज। भाकियू स्वराज ने शुक्रवार को हजारा नहर इलाके में प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों को रास्ते में ही रोक लिया। यूनियन कार्यकर्ताओं ने पुलिस के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे से राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडे की वार्ता हुई। वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। उसके बाद मामला शांत हुआ।
भाकियू स्वराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडे का कहना है कि 15 सितंबर को भाकियू स्वराज के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह की कार को उपनिरीक्षक दिनेश कुमार ने कब्जे में ले लिया था। उन्होंने उपनिरीक्षक पर लूट का आरोप लगाया और तीन दिन पूर्व दी गई तहरीर पर सोरों पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर आक्रोश व्यक्त किया। इसके अलावा किसान नेताओं पर सोरों थाने में मुकदमा दर्ज किए जाने के मामले पर किसान नेताओं ने आक्रोश जताया। राष्ट्रीय अध्यक्ष पांडे ने कहा कि पुलिस किसानों पर जुल्म कर रही है। झूठे मुकदमे लिखे जा रहे हैं। उपनिरीक्षक के खिलाफ तहरीर देने के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने किसान नेताओं को समझाया बुझाया। बाद में राष्ट्रीय अध्यक्ष की वार्ता एसपी से हुई और उन्होंने सभी मांगे एसपी के समक्ष रखीं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष पांडे ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो तीन दिन बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। एसपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ वार्ता करते हुए उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया। उसके बाद किसानों का आंदोलन समाप्त हुआ। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा विक्की ठाकुर, प्रमुख महासचिव ठाकुर श्यामवीर सिंह, मंडल संरक्षक ठाकुर अमर सिंह चौहान, आशीष पांडे, शैलेंद्र बघेल, जगत प्रसाद बघेल, शिवम बघेल, रिंकू बघेल, प्रवीण चौहान, प्रवीण शर्मा, शैलेश यादव, तौफीक खान, हरवीर यादव, पंडित वीरेंद्र शर्मा, सुधीर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे।