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Agra News: किसानों ने विरोध कर पेड़, कुआं और नलकूपों का मांगा मुआवजा, हंगामा

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कुबेरपुर। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) रायपुर में अधिग्रहित भूमि पर सड़क बनाने के लिए कई दिन से एनजीटी की बिना अनुमति के हरे पेड़ों को काटने में लगा है। शुक्रवार को किसानों की शिकायत पर वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ों का कटान रुकवाकर बुलडोजर और पेड़ों की लकड़ी जब्त कर ली है।
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अधिकारियों ने बताया कि 17 हरे-सूखे वृक्षों को बिना किसी अनुमति के बुलडोजर से उखाड़ दिया है। जांच के आधार पर वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 की धारा 4 व 10 में अभियोग पंजीकृत किया गया है। मौके से बरामद बुलडोजर व लकड़ी बरामद कर जब्त कर ली गई है। इधर शनिवार को प्राधिकरण की टीम मौके पर नहीं आई। दोपहर में किसानों और महिलाओं ने पहुंचकर वन विभाग के कर्मचारियों की कार्य का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। लेकिन वन विभाग ने अपना कार्य जारी रखा। किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण ने उन्हें जमीन का पूरा मुआवजा दिए बिना सड़क का निर्माण कर रहा है। खेतों में खड़े वर्षों पुराने पेड़ों को भी बिना मुआवजा दिए उखाड़ रहा है। किसानों का कहना है कि एडीए की टीम बिना किसी पूर्व सूचना और बिना किसी क्षतिपूर्ति प्रक्रिया को पूरा किए सीधे बुलडोजर लेकर पहुंची और पेड़ों को उखाड़ना शुरू कर दिया। जब ग्रामीण विरोध करने पहुंचे तो वन विभाग कर्मी पेड़ों की जब्ती की कार्रवाई में जुटे थे। किसानों के अनुसार प्राधिकरण अब तक बहादुर सिंह के खेत में खड़े 15, पवन देवी पत्नी संतोष के 17, श्रीमती पत्नी राम प्रकाश के 20, बांकेलाल के 30 और किसान बनी सिंह के खेत से 14 हरे पेड़ों को उखाड़ चुका है। जबकि वन विभाग ने संबंधित मुकदमा कार्रवाई में मात्र 17 पेड़ों को उखाड़ना दर्शाया है। विभाग के अनुसार, मौके से पेड़ों के साथ बुलडोजर भी जब्त की गई है। किसानों ने बताया कि अधिग्रहण होने के बावजूद मुआवजा नहीं दिया गया। ऊपर से बुलडोजर चलाकर पेड़ों की कटाई कर दी गई। मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही। किसानों ने वन विभाग कर्मी विकास गौर पर जमकर भड़ास निकाली।
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