रहनकलां व रायपुर मौजा के प्रभावित सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली से इनर रिंग रोड के सहारे सर्विस रोड पर धरने पर बैठे हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी लाठी-डंडे लेकर शामिल हैं। इनर रिंंग रोड पर लखनऊ की ओर जाने वाली एक लेन पर जाम लगा देने से वाहनों कि कतार लग गई।
आगरा विकास प्राधिकरण की ओर से वर्ष 2009 में रायपुर और रहनकलां मौजा की अधिगृहीत जमीनों को वापस देने की मांग पर अड़े किसानों का धरना जारी है। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान अपने परिवार के साथ धरने पर बैठे हुए हैं। महिलाओं ने मार्ग पर लेटकर जाम लगा दिया है, जिसकी वजह से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुलिस टीम उन्हें समझाने के प्रयास में जुटी हुई है।
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किसानों के धरने की वजह से दिल्ली की ओर से लखनऊ एक्सप्रेस-वे और रमाडा की तरफ जाने वाले वाहन फंसे हुए हैं। फोर्स ने वाहनों को एत्मादपुर में नेशनल हाईवे की तरफ से डायवर्ट किया है। रमाडा प्लाजा की ओर से दिल्ली जाने वाले वाहन भी फंसे रहे। एडीए और प्रशासनिक अफसरों के सोमवार दोपहर तक भी नहीं पहुंचने पर किसानों ने दूसरी लाइन पर भी डेरा डाल दिया।
यह है मामला
आगरा विकास प्राधिकरण ने 14 वर्ष पूर्व रायपुर व रहनकलां मौजा के 12 से अधिक गांवों की 444 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत की थी, जिसमें 5000 किसान प्रभावित हुए थे। आज तक किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया। किसानों के राजस्व अभिलेखों से नाम भी काट दिए गए। किसान कई बार आंदोलन कर चुके हैं। अब वह अपनी अधिगृहीत जमीनाें को वापस मांग रहे हैं।