आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में एक्सप्रेसवे निर्माण को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। किसानों का आरोप है कि बिना नोटिस और उचित मुआवजे के उनकी फसलें रौंदी जा रही हैं, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।
आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे के निर्माण के खिलाफ मंगलवार को किसान सड़क पर उतर आए। भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण किए बगैर किसानों की फसलें रौंदकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम फतेहाबाद को छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन साैंपा।
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के जिला प्रवक्ता प्रदीप गुर्जर के नेतृत्व में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम फतेहाबाद स्वाति शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि आगरा ग्वालियर एक्सप्रेस-वे का निर्माण तहसील फतेहाबाद के गांव सलेमाबाद, इनायतपुर, नगला पाटम, लुहेटा, तोर से होकर हो रहा है। यहां सरकार की ओर से बिना नोटिस दिए ही किसानों की फसलों को रौंदकर नष्ट किया जा रहा है, जबकि किसानों से अभी सहमति पत्र नहीं लिया गया है।
किसानों ने कहा है कि करीब 50 साल पुराने शमसाबाद-इरादतनगर राजमार्ग पीडब्ल्यूडी के नक्शे में दूसरी जगह है। जो किसानों की जगह तोर लुहेटा ग्राम पंचायत की है, वह मौजूदा राजमार्ग पर ही है। किसानों को आज की सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है पूजा डेयरी से खारी नदी पुल तक जो पुराना राजमार्ग है, उस पर ठेकेदार ने अपना बेस कैंप बनाया है, जिससे किसानों के वाहन और अपने खेतों पर तक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। रास्ता निकलवाया जाए।