किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक किसी भी हाल में निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। आरोप है कि आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) बिना पूरा मुआवजा दिए जबरन जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहा है। प्रदर्शन के बाद किसान मनोहरपुर गांव के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। मौके पर पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और किसानों को समझाने में जुटा है।
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भाकियू टिकैत युवा विंग के मंडल अध्यक्ष विपिन यादव ने आरोप लगाया कि किसानों को गुमराह कर उनकी जमीन हड़पी जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़क, कुआं, पेड़, नलकूप और अधिकांश भूमि का मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है, बावजूद इसके बुलडोजर और डंपर चलाए जा रहे हैं। इस दौरान किसान नेता मनोज शर्मा, श्याम सिंह, नत्थू सिंह धाकरे, अमर सिंह और पंकज यादव सहित कई किसान मौजूद रहे।
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महत्वाकांक्षी है ग्रेटर आगरा परियोजना
एडीए करीब 442 हेक्टेयर भूमि पर ग्रेटर आगरा विकसित कर रहा है। इस परियोजना में देश की प्रमुख 10 नदियों के नाम पर 10 टाउनशिप बसाई जानी हैं। इनमें गोमतीपुरम, गंगापुरम, यमुनापुरम, नर्मदापुरम, गोदावरीपुरम, कृष्णापुरम, कावेरीपुरम, सिंधुपुरम, बेतवापुरम और महानदीपुरम शामिल हैं। योजना के तहत लगभग 4,353 आवासीय भूखंड विकसित किए जाने हैं। किसानों के विरोध के चलते परियोजना की प्रगति पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
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