आगरा में जमीन अधिग्रहण और बाउंड्री का काम शुरू होने के बाद अब सिविल एन्क्लेव के निर्माण की तैयारी है। एन्क्लेव के निर्माण पर 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
एयरपोर्ट अथारिटी एन्क्लेव के निर्माण का खर्च उठाएगी, जबकि जमीन राज्य सरकार ने उपलब्ध कराई है। 15 जून तक एन्क्लेव के लिए ईओआई (एक्सप्रेसन आफ इंट्रेस्ट) जारी कर दिया जाएगा।
इधर एयर कार्गो के लिए जमीन देने के लिए आठ किसानों ने सहमति जताई है। एयरपोर्ट अथारिटी की निदेशक कुसुम दास ने बताया कि नए सिविल एन्क्लेव की जमीन पर बाउंड्री का काम पूरा होते ही जमीन को एयरपोर्ट अथारिटी अपने अधिकार में ले लेगी और निर्माण शुरू कर देगी।
निर्माण के लिए टेंडर भी जारी होने वाले हैं। अगले साल तक यह एन्क्लेव बनकर पूरा हो जाएगा और फ्लाइट संचालन भी शुरू हो जाएगा। सिविल एन्क्लेव के लिए एनवायरमेंट क्लीयरेंस की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इसके लिए जनसुनवाई जुलाई में होगी। इधर एयर कार्गो के लिए जरूरी चार हेक्टेयर जमीन को देने के लिए आठ किसान तैयार हो गए हैं। सिविल सोसायटी की पहल पर किसानों ने उचित मुआवजे पर हामी भरी है।
बाकी जमीन पर निर्माण हैं, जिनके लिए प्रशासन को प्रयास करना है। सोसायटी हाईकोर्ट को अपनी विचाराधीन याचिका के जरिए इस बात को संज्ञान में लाएगी।
आगरा में पहले से है एयर कार्गो सुविधा
सिविल सोसायटी के राजीव सक्सेना एवं सचिव अनिल शर्मा ने एन्क्लेव बनने तक एयर कनेक्टिविटी के प्रयास और तेज करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि वायुसेना परिसर में प्रवेश के समय की जाने वाली औपचारिकताओं को सहज बनाने की जरूरत है। तीन साल तक उड़ान स्कीम में विमानों की आवाजाही को और बढ़ाया जाए, तभी फायदा मिल सकेगा।
एयरपोर्ट निदेशक कुसुम दास के मुताबिक आगरा में एयर कार्गो की सुविधा पहले से ही है। उसे बरकरार रखने का प्रयास किया जाएगा। इसलिए जरूरी जमीन को उपलब्ध कराए जाने का प्रयास हो रहा है। जीएसटीएन नंबर लेने का भी प्रयास हो रहा है।