टूंडला। ओलावृष्टि व बरसात ने इस वर्ष किसानों को बरबादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। प्रशासन अन्य फसलों की तरह सब्जियों के नुकसान का आंकलन नहीं कर रहा। यह किसानों के साथ अन्याय है। सरकार अन्य फसलों के साथ ही सब्जियों के नुकसान का भी मुआवजा दे। यह बात भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने की एटा रोड स्थित मंडी समिति परिसर में की गई महापंचायत में कही। बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
महापंचायत में किसानों ने ओलावृष्टि व बरसात से हुए नुकसान की जानकारी दी। किसानों ने बताया कि उनकी बरबाद फसलों के आकलन के लिए कोई गांव नहीं पहुंचा। लेखपाल आदि घर बैठकर ही नुकसान का आकलन कर रहें। इस पर उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन सही आकलन कर किसानों को मुआवजा नहीं दिलवाता तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जायेगा।
इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव डा रेहान फारुख, राष्ट्रीय सचिव कुलदीप पांडेय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कालीचरन चुतर्वेदी वरिष्ठ राष्ट्रीय महासचिव धर्मेन्द्र प्रधान, सुनील सिंह, ऋुतराज सिंह, विक्रम सिंह, बॉवी परिहार, रिंकू लवानियां, शहजाद खान, शीलू सिकरवार, करन ठाकुर, शिवप्रताप सिंह, विपिन यादव, श्यामवीरसिंह, गौरव ठाकुर, डा रामगोपाल, राजकुमार, ब्रजेश यादव, जीतू सोलंकी आदि मौजूद रहे।
किसान सम्मान निधि दिलाने की भी की मांग
टूंडला। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने कहा कि किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों को तत्काल निधि दिलाई जाए। प्रत्येक किसान केसीसी कार्ड धारक हैं। उससे बीमा कंपनी जो पैसा लेती है उसके माध्यम से किसान का पैसा मिलना चाहिए। दैवीय आपदा के चलते वर्ष भर किसी किसान से रिकवरी नहीं की जाए। किसान के बिजली का बिल भी माफ किए जाए। सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों को मिलना चाहिए।