कासगंज। प्रदेश सरकार द्वारा गल्ला मंडी के भीतर गल्ला कारोबार पर लागू किए गए मंडी शुुल्क एवं अधिभार को लेकर व्यापारियों में आक्रोश है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने 21 सितंबर से प्रदेश व्यापी मंडी बंद आंदोलन को सफल बनाने के लिए गल्ला व्यापारियों के साथ बैठक की। बैठक में छह दिनों तक मंडी बंद रखने का निर्णय लिया गया।
प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल माहेश्वरी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि उत्पादित जिंसों पर मंडी शुल्क एवं लाइसेंस समाप्त कर दिया। मगर उत्तर प्रदेश सरकार 2 प्रतिशत मंडी शुल्क एवं 5 अधिभार लगा दिया। साथ ही मंडी के बाहर व्यापार करने वाले व्यापारियों को लाइसेंस एवं मंडी शुल्क से मुक्त कर दिया। प्रदेश सरकार के इस निर्णय के विरोध में 21 सितंबर से 26 सिंतबर प्रदेश भर की मंडी बंद रहेंगी। यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो अनिश्चित कालीन गल्ला मंडी बंद की जाएगी।
व्यापारी नेता जितेंन्द्र वार्ष्णेय, सुरेश वार्ष्णेय, राजेन्द्र गुप्ता, प्रदीप गुप्त किशोर अग्रवाल आदि व्यापारी नेताओं ने गल्ला मंडी पहुंचकर व्यापारियों से वार्ता की। व्यापारियों ने आंदोलन को सफल बनाने पर पूरी सहमति जताई। जिलाधिकारी को ज्ञापन, कालादिबस, सरकार की सद्बुद्घि के लिए यज्ञ आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाने का भी निर्णय लिया गया। इस दौरान सत्य पाल सिंह, हिर्देश वार्ष्णेय, लालता वर्मा, पूर्ण सिंह, केशव गुप्ता, गोपाल सोलंकी, चिराग गुप्ता, दिलीप दरगड़, मुकेश सिंह, देवप्रकाश, सुधीर शारदा, कमल माहेश्वरी, संजीव मालू, रमेश चंद्र किशन शर्मा, किशोरी लाल वर्मा, सचिन माहेश्वरी, पुष्पेंद्र सिंह, राकेश अग्रवाल, गौरव गुप्ता, कुलदीप गुप्ता, राजेश कुमार,आदि व्यापारी उपस्थित रहे।