मैनपुरी के घिरोर क्षेत्र स्थित नगला गजू में फसल की रखवाली के लिए खेत पर गए मजदूर का शव मंगलवार सुबह खेत में पड़ा मिला। उसके पुत्र ने हत्या का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस किसान की मौत को संदिग्ध मान रही है। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की बात कह रही है।
थाना घिरोर क्षेत्र के गांव कल्होर पछां के नगला गजू निवासी जय सिंह (35) बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। करीब पांच वर्ष पूर्व पत्नी सुनीता की मौत हो गई थी। वह दो बच्चों विकास (15) और कुलदीप (13) के साथ कच्चे मकान में गुजर बसर कर रहा था।
दूसरे के खेत बटाई पर लेकर रखवाली का काम कर रहा था। कभी कभी मजदूरी भी करने चला जाता था। सोमवार शाम करीब सात बजे वह खेत पर खड़ी फसल की पशुओं से रखवाली के लिए गया था।
रात को जब वह घर वापस नहीं लौटा तो पुत्रों ने सोचा की वह खेत पर ही रुक गए होंगे। सुबह जब भाई चेतराम खेतों की ओर गए तो भाई का शव पड़ा देख उसके होश उड़ गए।
जानकारी मिलने के बाद परिवारीजन और ग्रामीण जमा हो गए। पुत्र विकास ने बताया कि पिता का शव जिस जगह पर पड़ा हुआ था। वहां की मिट्टी काफी अस्त-व्यस्त थी। किसी के साथ उनकी लड़ाई हुई है। उसने हत्या का आरोप लगाया है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना पुलिस का कहना है कि परिवारीजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। मौत संदिग्ध प्रतीत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक बेटे को दे दिया था गोद
नगला गजू निवासी जय सिंह के सिर्फ दो पुत्र नहीं हैं, बल्कि उसके तीन पुत्र थे। दरअसल पत्नी सुनीता, वृद्ध मां और पुत्र विकास और कुलदीप के पालन पोषण के लिए जयसिंह दिनों रात मेहनत करता था। करीब पांच वर्ष पूर्व सुनीता की तीसरे पुत्र को जन्म देते समय मौत हो गई थी।
पत्नी पहले से भी बीमार थी, जिसको लेकर जय सिंह कर्ज भी ले चुका था। पत्नी की मौत और दुधमुंहे बच्चे का मुफलिसी में पालन पोषण करना भी मुश्किल हो रहा था। इस बीच एक व्यक्ति ने बच्चे को गोद लेने का प्रस्ताव रखा। जय सिंह ने उसे लिखापढ़ी करने के बाद मासूम को सौंप दिया।